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बनारस में सड़कों पर अराजक होकर उतरे ऑटो चालक, सवारियों से की बदसलूकी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:44 PM IST
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परेशान यात्री
- फोटो : amar ujala
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पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ ऑटो चालकों की हड़ताल बनारस में दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। सुबह से ही हड़ताल कर रहे ऑटो चालक सड़कों पर एकत्र हो गए और जगह जगह सवारी को गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश करने वाले ऑटो चालकों से मारपीट की।
हड़ताल करने वालों ने सवारियों से भी बदसलूकी की। इस दौरान सड़कों पर खड़े लोग घंटों तक वाहनों की प्रतीक्षा में जुटे रहे। हालांकि रोडवेज निगम ने छह सिटी बसों का संचालन किया। मगर, कई रुट पर वाहन नहीं होने से रोडवेज की व्यवस्था नाकाफी रही। हालांकि देर शाम एडीएम सिटी विनोद सिंह के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त हो गई।
दी ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी की हड़ताल दूसरे दिन जारी रही और सुबह से ही हड़ताल कर रहे ऑटो चालकों का समूह शहर के प्रमुख चौराहों पर एकत्र हो गया। इस दौरान चौकाघाट क्षेत्र में कुछ ऑटो संचालित हो रही थी, इसकी सूचना मिलने पर हड़ताल करने वाले वहां पहुंचे और ऑटो चालकों से मारपीट करने लगे।
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इस दौरान ऑटो में बैठी सवारियों से बदसलूकी की गई और उन्हें नीचे उतार दिया गया। इसके अलावा चांदपुर, कैंट स्टेशन, कैंट रोडवेज अड्डा, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, सुंदरपुर चौराहा, लंका चौराहा, काशी स्टेशन सहित शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों लोग आटो और ई-रिक्शा नहीं मिलने से परेशान रहे। जिले भर के 46 रूटों पर ऑटो संचालन नहीं होने से लोगों पैदल भी चलना पड़ा।
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हड़ताल करने वालों ने सवारियों से भी बदसलूकी की। इस दौरान सड़कों पर खड़े लोग घंटों तक वाहनों की प्रतीक्षा में जुटे रहे। हालांकि रोडवेज निगम ने छह सिटी बसों का संचालन किया। मगर, कई रुट पर वाहन नहीं होने से रोडवेज की व्यवस्था नाकाफी रही। हालांकि देर शाम एडीएम सिटी विनोद सिंह के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त हो गई।
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दी ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी की हड़ताल दूसरे दिन जारी रही और सुबह से ही हड़ताल कर रहे ऑटो चालकों का समूह शहर के प्रमुख चौराहों पर एकत्र हो गया। इस दौरान चौकाघाट क्षेत्र में कुछ ऑटो संचालित हो रही थी, इसकी सूचना मिलने पर हड़ताल करने वाले वहां पहुंचे और ऑटो चालकों से मारपीट करने लगे।
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इस दौरान ऑटो में बैठी सवारियों से बदसलूकी की गई और उन्हें नीचे उतार दिया गया। इसके अलावा चांदपुर, कैंट स्टेशन, कैंट रोडवेज अड्डा, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, सुंदरपुर चौराहा, लंका चौराहा, काशी स्टेशन सहित शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों लोग आटो और ई-रिक्शा नहीं मिलने से परेशान रहे। जिले भर के 46 रूटों पर ऑटो संचालन नहीं होने से लोगों पैदल भी चलना पड़ा।
हजारों ऑटो सड़क पर नहीं, फिर भी जाम
साधन खोजते यात्री
- फोटो : amar ujala
शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम में ऑटो चालकों की भूमिका मानी जात है। मगर दो दिन से हजारों आटो सड़क पर नहीं है, फिर भी बुधवार को शहर की सड़कों पर जाम रह। अंधरा पुल, तेलियाबाग, मलदहिया, सिगरा, रथयात्रा, लक्सा, लंका सहित कई क्षेत्रों में जाम की समस्या बनी रही। कुछ जगहों पर ऑटो चले, मगर वे मजूबरी का फायदा उठाकर सवारियों से मनमानी वसूली करते रहे। कई रुट पर दो से तीन गुने तक किराये की वसूली की गई।
एडीएम सिटी विनोद सिंह का कहना है कि ऑटो चालकों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है। उनके प्रतिनिधि मंडल ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष धनश्याम यादव का कहना है कि नगर निगम की ओर बने स्टैंड नहीं तोड़े जाए और परमिट की जगह 20 किलोमीटर की परिधि में ऑटो संचालन की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। हमारी हड़ताल समाप्त हो गई है।
एडीएम सिटी विनोद सिंह का कहना है कि ऑटो चालकों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है। उनके प्रतिनिधि मंडल ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष धनश्याम यादव का कहना है कि नगर निगम की ओर बने स्टैंड नहीं तोड़े जाए और परमिट की जगह 20 किलोमीटर की परिधि में ऑटो संचालन की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। हमारी हड़ताल समाप्त हो गई है।