आतंकी घटनाओं में आजमगढ़ कनेक्शन से जिले में स्थापित होगी एटीएस यूनिट
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बटला हाउस कांड हो या देश के अन्य इलाकों में हुए बम धमाके, कई आतंकी घटनाओं में आजमगढ़ का कनेक्शन सामने आ चुका है। ऐसे में जिले में आतंकवाद निरोधक दस्ते की यूनिट की जरूरत महसूस की जा रही है। इसको देखते हुए डीजीपी एटीएस ने यहां एटीएस यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया है। उन्होंने डीएम को पत्र लिख कर इसके लिए तीन हजार वर्ग फीट जमीन की मांग की है। डीएम ने सीआरओ को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी है।
दिल्ली के बटला हाउस कांड की बात की जाए तो सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर का नाम सुर्खियों में आया था। बिलरियागंज, मुबारकपुर के भी कनेक्शन ऐसे मामलों में सामने आए। जिला आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वालों की पनाहगाह के रूप में माना जाने लगा था। यही कारण है कि जिले में भी आतंकवाद निरोधी दस्ते के यूनिट की जरूरत महसूस की जा रही है। निवर्तमान जिलाधिकारी राजेश कुमार ने इस बाबत पुलिस महानिदेशक एटीएस डॉ. जीके गोस्वामी से एटीएस की यूनिट की स्थापना के लिए बात की थी। महानिदेशक एटीएस ने डीएम को पत्र लिख कर जिले में एटीएस यूनिट के लिए 3000 वर्ग फीट जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। जिला प्रशासन डीजीपी के पत्र के बाद सक्रिय हो गया है और सीआरओ हरिशंकर को जमीन की तलाश के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यालय, कमांडो कक्ष व बैरक का होगा निर्माण
डीजीजी एटीएस ने डीएम से जो तीन हजार वर्ग फीट जमीन मांगी है, उसमें एटीएस के कार्यालय के साथ ही कमांडो कक्ष व बैरक आदि का निर्माण कराया जाएगा। यूनिट के जिले में स्थापित करने के लिए जरूरी भवन के साथ ही अन्य संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे। जिले में यूनिट की स्थापना से आतंकवाद पर कड़े प्रहार की कवायद शुरू होगी और जिले के माथे पर लगे आतंक के तार जुड़े होने के कलंक से भी मुक्ति मिलेगी।
जिले में एटीएस यूनिट स्थापित करने की योजना है, डीजीपी एटीएस द्वारा जमीन की मांग की गई है, जिसके लिए संबंधित विभाग को जमीन की तलाश के लिए पत्र लिख दिया गया है। जमीन मिलने के बाद आगे की कवायद की जाएगी। - सुधीर कुमार सिंह, एसपी आजमगढ़।