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बीएचयू में ई-रिक्शा अटल सेवा शुरू, मेन गेट से अस्पताल पहुंचेंगे मरीज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:26 AM IST
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ई-रिक्शा का हुआ शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू का सर सुंदर लाल अस्पताल प्रदूषण मुक्त रहेगा। अब अस्पताल परिसर में वाहनों के प्रवेश पर जल्द ही रोक लगा दी जाएगी। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए यहां अटल सेवा के रुप में ई-रिक्शा चलवाया जा रहा है। शनिवार को इस सुविधा का शुभारंभ यूजीसी चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह और कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर शुरू इस सुविधा का लाभ मरीजों, परिजनों को नि:शुल्क मिलेगा। पहले चरण में तीन ई-रिक्शा मिला है। जिसमें एक भाजपा विधायक रविंद्र जायसवाल की ओर से दूसरा दिल्ली की एक कंपनी और तीसरा एपेक्स लैब की ओर से मरीजों की सेवा में दिया गया है।
प्रो. डीपी सिंह ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि परिसरों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पूरी कोशिश की जाएगी, इसे सभी विश्वविद्यालयों में शुरू कराया जाए। रिक्शा और साइकिल के चलने से प्रदूषण मुक्त ही नहीं होता समाज, बल्कि इंसान भी स्वस्थ रहता है।
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इसके बाद प्रो. सिंह ने अस्पताल में हर दिन शाम को मरीजों में बांटे जाने वाले भोजन को भी मरीजों, परिजनों में बांटा। कुलपति राकेश भटनागर ने कहा कि एम्स में भी ई रिक्शा के माध्यम से ही विभागों तक पहुंचते हैं। बताया कि इस व्यवस्था को केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय कैंपस में लागू कराया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि मरीजों को अस्पताल परिसर में आने तक जहा सहूलियत होगी, वहीं विश्वविद्यालय को पर्यावरण की दृष्टि से और भी बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला, वित्ताधिकारी डॉ. एस.बी. पटेल, डॉ. ओ.पी. उपाध्याय, ए.आर. मनोज कुमार गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर शुरू इस सुविधा का लाभ मरीजों, परिजनों को नि:शुल्क मिलेगा। पहले चरण में तीन ई-रिक्शा मिला है। जिसमें एक भाजपा विधायक रविंद्र जायसवाल की ओर से दूसरा दिल्ली की एक कंपनी और तीसरा एपेक्स लैब की ओर से मरीजों की सेवा में दिया गया है।
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प्रो. डीपी सिंह ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि परिसरों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पूरी कोशिश की जाएगी, इसे सभी विश्वविद्यालयों में शुरू कराया जाए। रिक्शा और साइकिल के चलने से प्रदूषण मुक्त ही नहीं होता समाज, बल्कि इंसान भी स्वस्थ रहता है।
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इसके बाद प्रो. सिंह ने अस्पताल में हर दिन शाम को मरीजों में बांटे जाने वाले भोजन को भी मरीजों, परिजनों में बांटा। कुलपति राकेश भटनागर ने कहा कि एम्स में भी ई रिक्शा के माध्यम से ही विभागों तक पहुंचते हैं। बताया कि इस व्यवस्था को केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय कैंपस में लागू कराया जाएगा।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि मरीजों को अस्पताल परिसर में आने तक जहा सहूलियत होगी, वहीं विश्वविद्यालय को पर्यावरण की दृष्टि से और भी बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला, वित्ताधिकारी डॉ. एस.बी. पटेल, डॉ. ओ.पी. उपाध्याय, ए.आर. मनोज कुमार गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।