वाराणसी: गंगातट पर कृत्रिम फेफड़ा बताएगा हवा में प्रदूषण का हाल, अस्सी घाट लगाई गई प्रदर्शनी
केयर फार एयर संस्था की ओर से क्लाइमेट एजेंडा अभियान के तहत अस्सी घाट पर वायु प्रदूषण जागरूकता प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। इस दौरान अस्सी घाट पर ही ऊंचे स्थान पर एक बोर्ड में आर्टिफिशियल फेफड़ा स्थापित किया गया है।
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बनारस की हवा में प्रदूषण का असली हाल कृत्रिम फेफड़ा बताएगा। अस्सी घाट पर रविवार को वायु प्रदूषण की हकीकत को समझाने के लिए कृत्रिम फेफड़ा लगाया गया। शहर में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए काम कर रही संस्था केयर फार एयर ने वायु प्रदूषण जागरूकता प्रदर्शनी की शुरुआत की। प्रदर्शनी के जरिए बनारस की जनता को वायु प्रदूषण से फेफड़ों को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
रविवार को केयर फार एयर संस्था की ओर से क्लाइमेट एजेंडा अभियान के तहत अस्सी घाट पर वायु प्रदूषण जागरूकता प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। इस दौरान अस्सी घाट पर ही ऊंचे स्थान पर एक बोर्ड में आर्टिफिशियल फेफड़ा स्थापित किया गया है। संस्था की एकता शेखर ने बताया कि बोर्ड पर लगाया गया यह कृत्रिम फेफड़ा आम इंसान के फेफड़ों की तरह है।
बोर्ड पर मौजूद यह श्वेत फेफड़ा कई दिनों तक अस्सी घाट पर आम लोगों के देखने के लिए उपलब्ध होगा। दिन प्रतिदिन खराब हो रही वायु की गुणवत्ता को यह खुद में समाहित करता जाएगा और कुछ दिनों में इसका रंग भूरा और फिर काला नजर आने लगेगा। यह प्रतीक होगा कि शहर में वायु की गुणवत्ता चुनौतीपूर्ण हो चुकी है।
यह पूरा अभियान आम लोगों के लिए अस्सी पर कुछ दिनों तक लगातार प्रदर्शित किया जाएगा। रवि शेखर ने बताया कि इस अभियान का मकसद लोगों को एक प्रयोग के जरिए वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान से अवगत कराना है। इस दौरान चिकित्सक डॉ. आर एन वाजपेयी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान के निदेशक डॉ. ए एस रघुवंशी और पंडित विजय प्रकाश मिश्रा ने विचार व्यक्त किए।