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यूपी के इस गांव में हजारों साल पुरानी सभ्यता के भेद खोलेगा पुरातत्व विभाग, मिले चुकें हैं ऐसे सबूत

Mon, 20 Jan 2020 09:48 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 20 Jan 2020 09:48 PM IST
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Archaeological Department will do excavation from first week of March in Mati village of Chandauli
माटी गांव। - फोटो : अमर उजाला।

चंदौली जिले के सकलडीहा ब्लॉक के माटी गांव में पुरातत्व विभाग मार्च के पहले सप्ताह से खुदाई कराएगा। खुदाई की शुरुआत गांव के शिव मंदिर से होगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. बीआर मणि के अनुसार यहां से मिलीं सैकड़ों वर्ष पुरानी दर्जनों खंडित मूर्तियों के अध्ययन के बाद यहां पुरानी सभ्यता के प्रमाण मिलने की संभावना है।  

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बीएचयू के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार नाथ सिंह ने बताया कि केंद्रीय पुरातत्व सलाहकार समिति द्वारा खुदाई की सहमति मिलने के बाद पूर्व पुरातत्व विभाग महानिदेशक के निर्देशन में जगह का चयन कर लिया गया है। मार्च के प्रथम सप्ताह से चयनित स्थानों पर खुदाई का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
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अनुमान है कि यहां लगभग दो हजार वर्ष पूर्व काल का भेद खुल सकेगा। सर्वे टीम को चुनार के बलुई पत्थर से बनी अनेक देवी-देवताओं की खंडित प्रतिमाएं मिलीं। इसका पुरातात्विक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खंडित मूर्तियों में भगवान विष्णु, महिषासुरमर्दिनी, सूर्य, गणेश आदि देवताओं की मूर्तियां हैं।

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उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में कुछ ईट भी मिली हैं। जो लगभग पंद्रह सौ वर्ष पूर्व की प्रतीत हो रही हैं। इतना ही नहीं विभाग के लोगों का अनुमान है कि उक्त मंदिर परिसर के पास से जल प्रवाह भी है जो की प्राचीन बस्ती के लोगों को जल स्रोत के रूप में था।

इस मंदिर के समीप भव्य मंदिर के साथ ही कई अनेक महत्वपूर्ण स्थल हैं। गांव के ही शिक्षक प्रमोद कुमार सिंह काफी दिनों से इस स्थल का पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराए जाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुरातत्व विभाग की टीम से डॉ. अशोक कुमार सिंह, प्रो. अनिल कुमार दुबे, डॉ. संदीप, प्रभाकर उपाध्याय, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. विनय कुमार रहे। 

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