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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- राम मंदिर ट्रस्ट में ट्रस्टियों की नियुक्ति में मनमानी
Thu, 06 Feb 2020 11:53 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Thu, 06 Feb 2020 11:53 PM IST
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ट्रस्टियों की नियुक्ति में मनमानी का आरोप लगाया है।
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बृहस्पतिवार को श्री विद्यामठ में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर रामालय ट्रस्ट कोर्ट में जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं से संपर्क किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि सर्वोच्च धर्माचार्यों को दरकिनार कर दिया गया। जिन स्वामी वासुदेवानंद को न्यास संस्थापक के बाद पहला स्थान दिया गया है वह ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य तो क्या, संन्यासी भी नहीं हैं।
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कोर्ट भी उन्हे अयोग्य ठहरा चुका है। बावजूद इसके उन्हें शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में संघ प्रचारकों को जगह दी गई।
‘सब कुछ हम ही करेंगे’ की मानसिकता के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने ट्रस्ट में दलित आरक्षण और अयोध्या में कानून तोड़ने वालों को जिम्मा दिए जाने का आरोप लगाते हुए इसे गलत बताया।
कहा- यह अयोध्या के उन संतों का अपमान है, जिन्होंने इस कार्य में अपना जीवन अर्पित कर दिया। आरक्षण पर कहा कि रामजी के दरबार में तो सभी बराबर होने चाहिए। आरक्षण देना ही है तो केवल दलित को क्यों, ओबीसी को क्यों नहीं।