वाराणसी: कृष्णा पटेल को दिया अंतिम प्रस्ताव, अनुप्रिया पटेल के पति बोले- मिल जाएगा मंत्री पद, उनके लिए अपना एमएलसी पद भी छोड़ने को तैयार
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने अपनी मां और अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल को साथ आने का प्रस्ताव भेजा है। इस पर वाराणसी में अपना दल (एस) एमएलसी आशीष सिंह पटेल प्रेस वार्ता कर जानकारी दी।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज दिखाई दे रही है। एनडीए से जुड़े संगठन अपना दल (एस) ने अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल को साथ आने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इस पर अपना दल (एस) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और एमएलसी आशीष सिंह पटेल ने रविवार को वाराणसी में कहा कि हमने सर्वसम्मति से कृष्णा पटेल को हमारे साथ आने के लिए अंतिम प्रस्ताव भेजा है।
इसमें उनकी छोटी बेटी और कुछ करीबी रिश्तेदार अहम भूमिका निभा रहे हैं। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल अगर साथ आईं तो प्रदेश सरकार में मंत्री पद में जगह दी जाएगी। आशीष सिंह पटेल ने कहा कि अगर उन्हें एमएलसी का पद भी चाहिए तो वह खुद उनके लिए इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह कोई लालच नहीं दे रहे हैं। यह उनके लिए अच्छा अवसर है।
हमें उम्मीद है कि माताजी अपनी बेटी की भावनाओं को समझेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के बाद उनसे कोई राजनीतिक बात नहीं होगी।
माफी मांगें पल्लवी तो साथ ले लेंगे
आशीष सिंह पटेल ने कहा कि फिलहाल पार्टी में पल्लवी पटेल को शामिल न करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पल्लवी ने पहले ऐसी 2 घटनाएं की हैं, जिस वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल उन्हें साथ लाने में हिचक रही हैं। एक यह कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर गबन का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरी बात यह है कि पल्लवी ने एक वसीयत करा ली थी और उसमें अपनी सबसे छोटी बहन को भी हिस्सा नहीं दिया था। पल्लवी पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांग लें और आगे से ऐसी कोई धोखाधड़ी न करने के लिए आश्वस्त करें। तब साथ आने पर विचार किया जाएगा।
हम PM मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे
एमएलसी आशीष सिंह पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के अंग के तौर पर लड़ेंगे। हमारा लक्ष्य दो-तिहाई बहुमत से ज्यादा सीट पाना है और भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाना है। हम उन्हीं सीटों पर अपने कैंडीडेट उतारेंगे जहां हमें अपनी पार्टी की स्थिति अच्छी है। अपना दल (एस) के कितने प्रत्याशी 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, इस संबंध में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर निर्णय लेंगी।