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प्रधानाचार्य को निलंबित करने पर भड़के छात्र, जमकर पत्थरबाजी
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 12 Oct 2017 09:51 PM IST
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सरदहा-भींबर मार्ग पर एक घंटे तक लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के आजमगढ़ जिले के एक गांव स्थित इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को प्रबंधन निलंबित कर दिया। इस खबर पर स्कूल के छात्रों ने जमकर बवाल किया। सड़क जाम कर दिया विद्यालय पर पत्थरबाजी की। एक वाहन को भी पलट दिया।
प्रबंधक ने कमरे में छुपकर किसी तरह जान बचाई।पुलिस ने लगभग दो घंटे बाद छात्रों को समझा-बुझाकर घर भेजा। प्रबंधक को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। अभी मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
घटना महाराजगंज थाना क्षेत्र के सरदहा बाजार स्थित तपेश्वरी देवी जायसवाल इंटर कॉलेज की है। विद्यालय प्रबंधक बसंत लाल गुप्ता ने बताया कि पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरेश राय के अवकाश प्राप्त करने के बाद वरिष्ठ प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह को प्रबंध समिति के प्रस्ताव और जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुमोदन पर एक जुलाई 2015 को कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया था।
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उनके ऊपर कार्यकाल के दौरान छात्रों से अवैध धन उगाही और विद्यालय के खातों से गलत ढंग से धन निकालने का आरोप है। प्रधानाचार्य से वित्तीय लेनदेन का हिसाब मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से हिसाब दिया नहीं गया।
उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन कार्रावाई नहीं हुई। पिछले सत्र में उनकी ओर से संचालित विद्यालय के समस्त खाते पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद आय व्यय का ब्यौरा नहीं दिया गया।
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प्रबंधक ने कमरे में छुपकर किसी तरह जान बचाई।पुलिस ने लगभग दो घंटे बाद छात्रों को समझा-बुझाकर घर भेजा। प्रबंधक को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। अभी मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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घटना महाराजगंज थाना क्षेत्र के सरदहा बाजार स्थित तपेश्वरी देवी जायसवाल इंटर कॉलेज की है। विद्यालय प्रबंधक बसंत लाल गुप्ता ने बताया कि पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरेश राय के अवकाश प्राप्त करने के बाद वरिष्ठ प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह को प्रबंध समिति के प्रस्ताव और जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुमोदन पर एक जुलाई 2015 को कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया था।
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उनके ऊपर कार्यकाल के दौरान छात्रों से अवैध धन उगाही और विद्यालय के खातों से गलत ढंग से धन निकालने का आरोप है। प्रधानाचार्य से वित्तीय लेनदेन का हिसाब मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से हिसाब दिया नहीं गया।
उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन कार्रावाई नहीं हुई। पिछले सत्र में उनकी ओर से संचालित विद्यालय के समस्त खाते पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद आय व्यय का ब्यौरा नहीं दिया गया।
नोटिस देख कर भड़क उठे छात्र
सरदहा-भींबर मार्ग पर एक घंटे तक लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
11 अक्टूबर को प्रबंध समिति की बैठक में उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य पद से हटाकर दूसरे वरिष्ट प्रवक्ता को चार्ज देने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को वरिष्ठ प्रवक्ता रामकृष्ण यादव को कार्यवाहक प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन उनके इंकार करने पर प्रबंध समिति के आदेश की प्रति कार्यवाहक प्रधानाचार्य के ऑफिस और मुख्य गेट पर चस्पा करा दी गई।
इसके कुछ देर बाद ही विद्यालय के काफी संख्या में छात्र-छात्राओं नारेबाजी करते सरदहां-भींबर मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद कालेज और बगल में स्थित जूहा स्कूल पर पथराव कर दिया गया। प्रबंधक ने कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
दो घंटे के बवाल के बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह छात्रों को समझा कर घर भेजा। वहीं विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वित्तीय अनियमितता का आरोप सरासर गलत है। दो बार विभागीय आडिट किया जा चुका है।
प्रबंधक की ओर से विद्यालय के विभिन्न खातों में मौजूद लाखों की धनराशि को गलत ढंग से निकालने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर कुचक्र रचा जा रहा है। मामले में सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था बना दी गई है। प्रबंधन का विवाद है। फिलहाल मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
इसके कुछ देर बाद ही विद्यालय के काफी संख्या में छात्र-छात्राओं नारेबाजी करते सरदहां-भींबर मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद कालेज और बगल में स्थित जूहा स्कूल पर पथराव कर दिया गया। प्रबंधक ने कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
दो घंटे के बवाल के बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह छात्रों को समझा कर घर भेजा। वहीं विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वित्तीय अनियमितता का आरोप सरासर गलत है। दो बार विभागीय आडिट किया जा चुका है।
प्रबंधक की ओर से विद्यालय के विभिन्न खातों में मौजूद लाखों की धनराशि को गलत ढंग से निकालने का दबाव बनाया जा रहा था। इनकार करने पर कुचक्र रचा जा रहा है। मामले में सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था बना दी गई है। प्रबंधन का विवाद है। फिलहाल मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।