राज्यपाल ने किया गंगा यात्रा का शुभारंभ, कहा-मां गंगा के लिए पीएम व सीएम की सोच सराहनीय
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बहुप्रतीक्षित गंगा यात्रा का उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दुबे छपरा घाट पर शंखनाद और विधिवत आरती-पूजन के साथ ही प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुभारंभ किया। उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी और केंद्रीय मंत्री महेंद्र पाण्डेय भी थे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मंगल पांडेय की पवित्र धरती बलिया नमन करती हूं। उन्होंने आगे कहा कि गंगा अब केवल पाप नहीं धोएंगीं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर खुशहाल भी बनाएंगी। अब गंगा किनारे बसे गांव के युवाओं के लिए कई रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
इन गांवों में अब केवल आर्गेनिक खाद ही यूज किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य से लेकर केंद्र सरकारों तक ने गंगा किनारे के गांवों में विकास की कई योजनाएं शुरू करने का प्लान बनाया है और उन्हें शुरू भी करा दिया गया है, इससे गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। राज्यपाल जिले के दुबे छपरा के पास गोपालपुर गांव में गंगा यात्रा के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थीं। इसके पहले उन्होंने गंगा का विधिवत पूजन किया और गंगा आरती के बाद नौकायन प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राज्यपाल आनंदबेन पटेल ने अपने भाषण की शुरूआत भारत माता और मां गंगे के जयकारे से की। उन्होंने कहा कि बलिया की इस ऐतिहासिक धरती पर दूसरी बार आने का सौभाग्य मिला है, आज फिर क्रांतिकारियों, तपस्वी और वीरों की इस धरती को नमन करती हूं।
इसके बाद मूल विषय पर आते हुए पटेल ने कहा कि मैं जिस प्रदेश से आती हूं, जहां सिर्फ एक नदी बहती है नर्मदा, लेकिन उत्तर प्रदेश तो नदियों के मामले में काफी धनी है। यहां कोई ऐसा जिला नहीं जहां कोई न कोई नदी नहीं बहती हो। अब नदियों को बचाना होगा, क्योंकि ये काफी प्रदूषित हो गई हैं।
आपको ध्यान देना होगा कि अब गंगा आपके कारण गंदी न हों। यदि सभी ने यह संकल्प ले लिया तो गंगा यात्रा अपने आप सफल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गंगा यात्रा के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं।
अब सरकार ने गंगा किनारे के गांवों में कई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत गंगा तालाब से शुद्ध पानी मिलेगा तो गंगा मैदान से गांव के बच्चे मजबूत बनेंगे, क्योंकि उन्हें गांव में ही खेल का मैदान सुलभ हो जाएगा। आर्गेनिक खेती शुरू होने से सरकार के साथ ही किसान भी खुशहाल होंगे और आर्थिक मजबूती भी बढ़ेगी।
सभी लोग एक पेड़ लगाने और उसके पालन पोषण की जिम्मेदारी ले लें तो गंगा किनारे हरियाली भी छा जाएगी। शहरी क्षेत्रों में निकलने वाले गंदे पानी को शुद्ध कर नदियों में डालने का प्रयास हो रहा है, यही काम गांवों को भी करना होगा।
गंगा सिर्फ नदी नहीं, वह हमारी मां हैं
बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं हैं। वह हमारी मां हैं। मां भी सिर्फ हिंदुओं की नहीं, ये मुसलमानों की भी मां हैं, सिक्खों की भी मां हैं और मसीही समाज भी इन्हें मां का दर्जा देता है। गंगा यूपी और बिहार को जोड़ती हैं। एक भगीरथ ने ब्रम्हा के कमंडल से धरती पर उतारा था और दूसरे भगीरथ इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो गंगा को निर्मल, अविरल बनाने का संकल्प लिए हैं। गंगा हमारी संस्कृति व सभ्यता की प्रतीक है।
नमामि गंगे योजना मूर्त रूप लेने लगी है और अर्थ गंगा की शुरूआत लोगों को रोजगार देकर देश को विकसित करने का काम करेगी। भारत की 43 प्रतिशत आबादी गंगा किनारे बसती है। अब गंगा किनारे 12 हजार हेक्टेयर में आर्गेनिक खेती की जाएगी। गंगा के किनारे खेती व बृक्षारोपण किया जाएगा। आज गंगा की जो हालत है वह वामपंथियों की देन है जो गंगा को मां नहीं सिर्फ एक नदी मानते थे, लेकिन हम गंगा को मां मानते हैं और गंगा को साफ करना अपना कर्तव्य भी। यदि पहले कांग्रेस और वामपंथियों ने भी गंगा को मां माना होता तो आज की सफाई के लिए अभियान चलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि भारतीय परम्परा रही है कि मां अगर स्वस्थ है तो बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। यदि मां गंगा ही गंदी रहेंगी तो कैसे हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। हमारा कर्तव्य है कि हम गंगा को निर्मल और अविरल बनाने में अपना सहयोग दें।
जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि गंगा मैया निकलती तो गंगोत्री से हैं, लेकिन रहती बनारस में हैं। इस समय पूरे देश में गंगा को निर्मल बनाने के लिए माहौल बना हुआ है। विधायक सुरेन्द्र सिंह ने सभी का अपने विधान सभा क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा को निर्मल बनाने का बीड़ा उठाया है।
अब सभी कुर्बानी देने को तैयारः अनिल राजभर
दया छपरा। बलिया जिला के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि गंगा यात्रा का कुछ लोगों ने विरोध किया है। लेकिन इस बार सरकार गंगा की सफाई और उनकी अविरलता व निर्मलता को लेकर कृत संकल्पित है। प्रदेश के युवा, किसान के साथ जनता ने भी अब संकल्प ले लिया है कि गंगा के लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़ेगी तो अब पीछे नहीं हटेंगे।