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अमृत स्वधारा नृत्य संगीत महोत्सव: 'रुद्राक्ष' में हुआ तमिलनाडु और नगालैंड की संस्कृति का संगम
Fri, 29 Oct 2021 12:42 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 29 Oct 2021 12:42 AM IST
सार
भारत की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर अमृत स्वधारा नृत्य संगीत महोत्सव आयोजित किया गया।
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रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली, सुबह-ए-बनारस और जिला प्रशासन वाराणसी की ओर से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर सिगरा में आयोजित नृत्य संगीत उत्सव में शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। अमृत स्वरधारा-नृत्य एवं संगीत उत्सव के दूसरे दिन भारतीय संस्कृति की गौरव गाथा का लयात्मक प्रदर्शन कलाक्षेत्र फाउंडेशन, तमिलनाडु द्वारा वीर सुधन धीरम नृत्य नाटिका के माध्यम से किया गया।
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भारतीय संस्कृति की गौरव गाथा चार प्रसंगों पर आधारित थी। इसमें पहला भाग भारतीय मूल्यों आस्था से संबंधित था, दूसरा भाग सामाजिक व्यवस्था पर कटाक्ष रहा। तीसरे भाग में अपने महापुरुषों की सीख के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए आत्म संकल्प और दृढ़ता के साथ अपने दायित्व के प्रति समर्पण से जुड़ा था।
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नृत्य कलाकार हरिपदमन, गिरीश मधु, जयकृष्ण, संजीत लाल, श्रीदेवी बी आर, जेनेट जेम्स, मालविका आदि रहे। उधर, पारंपरिक संगीत में नगालैंड की टीम द रिफाइनर क्वायर ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में हेलेन आचार्य संगीत नाटक अकादमी, डॉ. रत्नेश वर्मा, सचिव सुबह-ए-बनारस, तापस दास, अतुल सिंह, डॉ. विधिनागर, सुरेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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