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हर ओर दुर्व्यवस्था का आलम
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:58 AM IST
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उत्तर प्रदेश विधान मंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की तीन सदस्यीय पंचम उप समिति मंगलवार को सर्किट हाउस पहुंची।
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स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, बाल विकास पुष्टाहार से जुड़ी योजनाओं की हालत संतोषजनक न पाए जाने पर समिति ने कड़ी नाराजगी जताई। भेलखां में आंगनबाड़ी केंद्र, प्राइमरी विद्यालय, सेहमलपुर सातो महुआ के आश्रम पद्धति स्कूल, दीनदयाल के पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण भी किया।
मीडिया से हुई बातचीत में समिति की अध्यक्ष एवं रायबरेली की विधायक आशा किशोर ने कहा कि यहां की कमियों की रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
कमियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाने की सिफारिश विभागों के प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री से की जाएगी। मिड डे मील व्यवस्था में प्रधानों का दखल खत्म करने की सिफारिश भी की जाएगी।
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समिति की अध्यक्ष और सदस्यों में जौनपुर की विधायक सीमा द्विवेदी, बुलंदशहर की विधायक विमला सोलंकी शामिल हैं। समिति ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को नहीं मिल रहा है।
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आश्रम पद्धति के स्कूल में 233 बच्चों का पंजीकरण था। मौके पर 120 बच्चे ही मिले। पूछने पर पता चला कि छुट्टी में बच्चे घर गए हैं। भेलखां के प्राथमिक विद्यालय में एक बच्चे की कापी जांची गई।
उसकी कापी पर नौ दिसंबर के बाद पन्ने खाली थे। कापी भी आज ही जांची गई थी। मिड डे मील में मटर की दाल बनी थी। 45 बच्चों का पंजीकरण था जबकि मौके पर 20 बच्चे ही मिले। मिड डे मील व्यवस्था से प्रधान को हटाने की सिफारिश मुख्यमंत्री से की जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल भी बेहाल था। गांव वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार बेचने का आरोप लगा रहे थे। स्वास्थ्य परीक्षण भी ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है।
दीनदयाल अस्पताल में खुले पोषण पुनर्वास केंद्र की हालत बद से बदतर पाई गई। वहां के प्रभारी डॉक्टर पांच महीने से नहीं आ रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक ने उनके वेतन को रोका है।
उन्हें निलंबित करने की सिफारिश मुख्यमंत्री से की जाएगी। समिति यहां निरीक्षण करने के बाद चंदौली चली गई। वहां की योजनाओं की हकीकत जानी।
देर शाम लौटकर सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कमियां दूर करने को कहा। इस दौरान महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष उषा सिंह और उपाध्यक्ष कल्पना सिंह ने मानदेय नहीं मिलने के संबंध में ज्ञापन दिया।