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अंबिका चौधरी ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, गरमाई सियासत
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 10 Aug 2017 10:31 AM IST
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अंबिका चौधरी
- फोटो : SELF
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करीब दो दशक तक बलिया के कोपाचीट (वर्तमान में फेफना) विधानसभा क्षेत्र की अगुवाई करने वाले और पांच साल पहले सपा से एमएलसी बने अंबिका चौधरी ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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इनके इस्तीफे के बाद जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है वहीं उनको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। प्रदेश स्तर पर कद्दावर नेता के तौर पर पहचान बनाने वाले अंबिका चौधरी, वैसे तो सालों से जिले की राजनीति में सक्रिय थे लेकिन उन्होंने पहली बार वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर कोपाचीट विधानसभा सीट से भाग्य आजमाया था।
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हालांकि वह चुनाव हार गए लेकिन आगे की मजबूत राजनीति का संकेत भी दे गए। वर्ष 1993 में पहली बार सपा से विधायक चुने गए। इसके बाद वर्ष 1996, 2002 तथा 2007 में लगातार चार बार विधायक बने। वर्ष 2002 में बनी सपा की सरकार में कद्दावर मंत्री भी रहे।
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चौधरी के सपा के स्थापना काल से जुड़े होने के कारण पार्टी में उनकी मजबूत हैसियत थी। वर्ष 2012 के चुनाव में अंबिका चौधरी हार गए लेकिन प्रदेश में सपा सरकार बनी और एक बार फिर वह मंत्री बने। कुछ माह बाद एमएलसी भी चुने गए।
हालांकि सपा के अंदरुनी विवाद के चलते सरकार के कार्यकाल के अंतिम दौर में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया। इतना ही नहीं वर्ष 2017 के चुनाव में सपा से टिकट नहीं मिलने के कारण वह दशकों पुरानी पार्टी को छोड़कर बसपा में शामिल हो गए और फेफना विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़े।
बुधवार को चौधरी ने अचानक एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया तो जिले की राजनीति गरम हो गई।