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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Amar Ujala Samvad Navratri dialogue on role and challenges of women in society discussions on responsibilities

अमर उजाला संवाद: नवरात्र में समाज में महिलाओें की भूमिका और चुनौतियां विषय पर संवाद; जिम्मेदारियों पर मंथन

Wed, 24 Sep 2025 01:19 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 24 Sep 2025 01:19 PM IST
सार

अमर उजाला की ओर से वाराणसी कार्यालय में संवाद का आयोजन किया गया। विभिन्न क्षेत्र से आई महिलाओं ने अपनी-अपनी बातें रखीं। कहा कि सशक्तीकरण की दिशा में और काम करने चाहिए।

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Amar Ujala Samvad Navratri dialogue on role and challenges of women in society discussions on responsibilities
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में माैजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाज में महिलाओं की भूमिका और चुनौतियां विषय पर चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में संवाद हुआ। इसमें महिलाओं ने सशक्तीकरण, अच्छे संस्कार और मोबाइल के कारण हो रही समस्याओं पर अपनी राय रखी। 

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अलग-अलग क्षेत्रों से आईं 36 महिलाओं ने कहा कि शिक्षा के जरिये ही महिलाएं सशक्त हो सकती हैं। कुछ ने कहा कि महिलाएं सशक्त हैं लेकिन खुद को कमजोर समझती हैं। उन्हें अपने अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है। अगर भेदभाव नहीं किया गया, तो महिलाओं के सशक्तीकरण में वक्त नहीं लगेगा।

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महिलाओं को मानसिक तौर पर भी स्वतंत्र होना चाहिए। सशक्तीकरण का मतलब सिर्फ नौकरी करना नहीं होता है। - डाॅ. पारुल जैन
महिलाओं की ओर से जो उत्पाद बनाए जा रहे हैं उसे बाजार भी उन्हें मिलना चाहिए। - नीता तिवारी
 सशक्तीकरण की बात होती है लेकिन बराबर की संख्या नहीं है। नीतियों में बदलाव से कुछ नहीं होगा। - पल्लवी पाठक
शिक्षा के साथ ही संस्कार भी जरूरी हैं। महिलाएं अब अबला नहीं हैं, इसे मानकर आगे बढ़ना होगा। - भानुमति मिश्रा

आत्मविश्वास रहेगा तो कोई चुनौती नहीं रहेगी। - सविता चौरसिया
महिला अपराध पर तत्काल न्याय की व्यवस्था होनी चाहिए। - नीलम वर्मा
महिलाएं शक्ति का स्वरूप हैं। दूसरों का खयाल रखती हैं। - ऋतु जायसवाल
हमें अपना विजन बड़ा करना होगा। पूर्वजों से जो संस्कार मिले हैं, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। - देवश्री गुप्ता
पुरुष अगर नशा करते हैं ताे उसका असर महिलाओं पर पड़ता है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। - डॉली श्रीवास्तव

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बच्चों को संस्कारवान बनाएं। नैतिकता, सामाजिकता का पाठ पढ़ाना जरूरी है। - वीना पांडेय
वर्तमान में टीन-ऐजर्स और बीच की पीढ़ी सबसे अधिक परेशान है। सरकार को काउंसलर की व्यवस्था करनी चाहिए। - प्रो. संध्या ओझा
महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देतीं। उन्हें लगता है कि वे कमजोर हैं। यही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। - शशि श्रीवास्तव
महिलाओं के लिए बैंकिंग आसान की जानी चाहिए।  पूरा सहयोग नहीं मिल पा रहा। - डा. शारदा सिंह
लड़कियों की तरह ही लड़कों  को भी घर के काम आने चाहिए। घर के काम में पुरुषों को मदद करनी चाहिए। - एकता पारिख

आधुनिकता में हम अपना दायित्व भूल गए हैं। मां और मातृत्व को संरक्षित करना आवश्यक है। - डाॅ. भारती मिश्रा
सरकार की योजनाएं धरातल तक नहीं पहुंच रही हैं। इस कारण भी महिलाओं का उत्थान नहीं हो पा रहा। - प्रतिभा सिंह
हम आज भी महिलाओं को पीछे रख रहे हैं। यह समस्या  सोशल मीडिया के कारण है। सरकार को नियमों में सख्ती करनी चाहिए। - सीमा अग्रवाल
महिलाएं शिक्षित हों तभी सशक्तीकरण का संदेश सफल होगा। - डाॅ. प्रियंका वहल
दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे समाज में बदलाव की उम्मीद बनी रहेगी। - शिखा वर्मा
सशक्तीकरण के नाम पर जो स्वतंत्रता मिली है, उसका सदुपयोग  करना चाहिए। - प्रेरणा कश्यप

पहले देश कृषि प्रधान था फिर पुरुष प्रधान हो गया। महिलाएं आर्थिक सशक्त बनें तब जा कर बदलाव आएगा। - अनुपमा सिंह 
महिलाएं अगर कोई रोजगार शुरु कर रही हैं, उन्हें बाजार नहीं मिल रहा है। यह बड़ी चुनौती है। - बीना सिंह
सशक्तीकरण की बात करते हैं लेकिन हम रोल मॉडल नहीं हैं। अब रोल मॉडल बनाना होगा। - स्मिता लोहिया
बच्चों को संस्कारी बनाने में माता-पिता का योगदान बराबर का होना चाहिए। बेटे-बेटियों की परवरिश एक सी करनी चाहिए। - नेहा सिंह
गड़बड़ी घर से होती है। पहले वहां सुधार करें तो समाज में भी सुधार आएगा। - डा. शीला चौधरी
महिलाओं को समाज में बराबर का दर्जा मिलना चाहिए। अगर वो काम कर रही हैं तो उनका नाम होना चाहिए । उनके पतियों का नहीं। - वर्षा सेठ

 महिलाओं और पुरुषों में न अंतर होना चाहिए और न ही कोई भेदभाव। - डाॅ. पूनम
बच्चों को सनातन का संस्कार देना आवश्यक है। बच्चे अच्छा करेंगे तो समाज अच्छा होगा। - डॉ. विनीता 
लड़कियों को सिर्फ शादी के लिए पढ़ाना ठीक नहीं है। इसे सशक्तीकरण नहीं कहा जा सकता। - वीना सिंह
बेटियों को आत्मरक्षा का गुर सीखना चाहिए। - संतोषी शुक्ला

सरकार को नशे पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। - श्वेता श्रीवास्तव
महिलाओं को उनके अधिकार की जानकारी होनी चाहिए। शिक्षित होना जरूरी है। - नीतू सिंह
हमें घर और समाज को मजबूत करना होगा। - प्रीति जायसवाल
बहू के साथ बेटी जैसा व्यवहार करना चाहिए। सास जैसा व्यवहार ठीक नहीं है। - माया जायसवाल
सशक्तीकरण हमें स्वस्थ, समृद्ध और संरक्षण का संदेश देता है। अब खुद को उदाहरण बनाना चाहिए। - डा. रिया द्विवेदी
हमें अपने अधिकार मिलने चाहिए। पुरुषों से बराबरी का कोई इरादा नहीं है। - रश्मि डिडवनिया

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