फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   amar singh target mulayam singh yadav, says mulayam become akhileshvaadi

अमर सिंह का बड़ा हमला, मुलायम सिंह हो गए अखिलेशवादी

Sun, 22 Jan 2017 11:19 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Sun, 22 Jan 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
amar singh target mulayam singh yadav, says mulayam become akhileshvaadi
amar singh in varanasi - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कई लड़ाईयां हारने के लिए लड़ी जाती हैं । मैं गद्दारों की सूची में नाम नहीं लिखाना चाहता था। इसलिए मैं अंत तक मुलायमवादी रहा लेकिन मुलायम जी ने अखिलेश के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और अखिलेशवादी हो गए। मुलायम न मेरे बाप हैं और न मेरे चाचा हैं। उनके प्रति मेरा अब कोई दायित्व नहीं है। मैं अब छुट्टा साड़ हूं। जहां हरा चारा मिलेगा वहीं मुंह मारुंगा। सपा के मार्गदर्शक मुलायम सिंह यादव पर आज ये तीखा हमला उनके एक समय में करीबी रहे अमर सिंह ने किया।

अमर‌ सिंह ने कहा कि मुलायम ने अपने समर्पण में शिवपाल को रखा लेकिन मुझे नहीं रखा। मेरे लिए अखिलेश यादव मेरे मित्र के बेटे भर हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि वे बड़े हो गए हैं और चाहते हैं कि मैं उनको अंकल बोलूं। अमर सिंह ने यहां बयानों से कई तीर छोड़े। 

विज्ञापन


उन्होंने ताजा घटना क्रम के पटाक्षेप के बाद कहा है कि मुलायम अखिलेशवादी हो गए हैं। खतरनाक राजनीति के तहत हमें और शिवपाल को को पार्टी से निकालने का प्रयास किया गया। शिवपाल तो अभी भी पार्टी में हैं लेकिन उनके पास कोई पद नहीं है। मुझे पार्टी से निकाल दिया गया। इस नाते मेरा अब मुलायम जी से कोई नाता नहीं है। ना वो मेरे चाचा हैं और ना ही कोई रिश्तेदार।

विज्ञापन
विज्ञापन

मीडिया मेरे पीछे पड़ा है : अमर ‌स‌िंह

amar singh target mulayam singh yadav, says mulayam become akhileshvaadi
amar singh in varanasi - फोटो : अमर उजाला

हरिज्ञानानंद उर्फ मलिकार बाबा की तेरही में हिस्सा लेने पहुंचे अमर सिंह ने कहा कि वे, मुलायम सिंह,शिवपाल यादव वनवास भेज दिए गए लोग हैं,इसलिए मीडिया उनसे सवाल न करे। कहा कि मीडिया उनके पीछे पड़ा है।

उन्हें रेस्‍त्रा में खाना नहीं खाने दिया जा रहा है और दवा भी नहीं खरीदने दिया जा रहा है। हर जगह मीडिया मेरे पीछे पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव मेरे नेता रहे हैं और मैंने उनके साथ काम किया। अगर मुलायम सिंह ही समाजवादी पार्टी में नहीं रहे तो अखिलेश की पार्टी ने मुझे निष्काषित कर दिया है।


अखिलेश ने अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और मुझे हटा दिया। तीन ही निर्णय लिए गए। कहा कि हम तो हटे हुए लोग हैं। कटे हुए लोग हैं। हमारे पीछे आप अपनी ऊर्जा क्यों खर्च कर रहे हैं। फिर उन्होंने रामायण की एक चौपाई पढ़ी- 'तापस भेष बिशेष उदासी। चौदह बरस राम बनबासी'

बता दें ‌क‌ि यह प्रसंग श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकांड का है जिसमें कैकेयी ने महाराज दशरथ से अपना दूसरा वरदान श्रीराम के लिए तपस्वी के वेष में 14 वर्ष का वनवास मांगा था (पहला वरदान भरत को राजतिलक का मांगा था।)। अमर सिंह ने कहा कि मीडिया ने आरोप लगाया था कि अंबानी परिवार में मेरे कारण ही विवाद हुआ जबकि ऐसा नहीं है। अंबानी परिवार के विवाद में मेरी कोई भूमिका नहीं है।

प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने दिलाई जेड श्रेणी सुरक्षा

amar singh target mulayam singh yadav, says mulayam become akhileshvaadi
अमर सिंह - फोटो : amar ujala

जेड प्लस सुरक्षा दिए जाने पर अमर सिंह ने कहा कि यूपी में उन्हें खतरा था ‌इसलिए प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने उनको जेड श्रेणी की सुरक्षा दिलवा दी। कहा कि वे प्रोफेसर साहब की बातों पर चलते हैं। भविष्य की योजनाओं के बारे में अमर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल अखिलेश यादव की प्रशंसा की है । 

इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं उनसे निष्कासन वापस लेने के लिए आवेदन कर रहा हूं। कहा कि पार्टी से निष्कासन के बाद उन्होंने मुझे छुट्टा साड़ बना दिया है, जहां हरा दिखेगा वहां मुंह मारुंगा। अमर सिंह ने कहा कि मलिकार बाबा यादवों भी काफी पूजनीय थे। मुलायम सिंह जी के परिवार से भी किसी को यहां आना चाहिए था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed