दीपावाली पर पहले से बीमार मरीजों, बच्चों को दूर रखने की जरूरत, पटाखों की तेज आवाज और धुआं बना सकता है रोगी
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दीपावली पर तेज आवाज के पटाखों के जलानेे, उससे निकलने वाले धुएं से बचने की जरूरत है। क्योंकि जरा सी लापरवाही आंखों की रोशनी जाने, फेफड़े में संक्रमण, सांस संबंधी परेशानियों को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि डॉक्टर भी खासकर पहले से बीमार लोगों और बच्चों, गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
शासन-प्रशासन की ओर से दीपावाली के मद्देनजर अलग-अलग कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। इसमें तेज आवाज के पटाखे न बेचने का आदेश भी जारी किया जाता है। दीपावली पर पटाखों के धुएं से आंखों और सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ जाती है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अस्पतालों में बेड रिजर्व करने, डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने आदि की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है।
कोरोना काल चल रहा है, ऐसे में पहले से हृदय व सांस की बीमारी वाले मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। आमतौर पर दीपावाली पर पटाखों का धुआं फेफड़े में जाने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे लोगों की सेहत पर परिजनों को भी नजर रखनी चाहिए।
डॉ. आरके शर्मा, चेस्ट फिजिशियन, मंडलीय अस्पताल
दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन सावधानी भी जरूरी है। विशेषकर तेज आवाज के पटाखों से बचने की जरूरत है। घर के आसपास अगर कोई पटाखा जला रहा है तो खुद ही दूर रहना चाहिए। निर्धारित मानकों से अधिक डेसिबल के आवाज वाले पटाखे नुकसान दायक हो सकते हैं।
डॉ.विश्वम्भर सिंह, नाक, कान-गला रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
ठंड के साथ-साथ दीपावाली भी आ रही है। ऐसे में अधिक रोशनी और धुओं के पटाखे आखों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। पहले से मोतियाबिंद, कम रोशनी सहित आंखों की अन्य बीमारी से परेशान मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. दीपक मिश्रा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
- पटाखा जलाते समय आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं।
- बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं को दूर रखें।
- सांस के रोगियों की सेहत के प्रति सावधानी बरतें।
- कोशिश करें कि तेज आवाज के पटाखे न जलाया जाएं।
- बाहर निकलना जरूरी हो तो मुंह और नाक ढकें।