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दर्शन-पूजन के साथ रोमांचक सफर कराएगा जलपोत, इतना होगा किराया
Sun, 06 Jan 2019 10:07 AM IST
shashikant misra
जयेंद्र चतुर्वेदी,अमर उजाला,वाराणसी
जयेंद्र चतुर्वेदी,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Sun, 06 Jan 2019 10:07 AM IST
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जलपोत
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कुंभ में जल परिवहन को केंद्र में रखकर शासन, प्रशासन ने बृहद योजना तैयार की है। सड़कों पर लोड कम करने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के सफर को रोमांचक बनाने के उद्देश्य से आईडब्ल्यूएआई प्रयागराज से लगभग 20 किलोमीटर दूर सुजावन देव घाट पर अस्थाई यात्री टर्मिनल बना रहा है। यहां से जलपोत के जरिये उन्हें संगम तक ले जाया जाएगा। जलपोत एक दिन में पांच चक्कर लगाएगा।
सुजावन देव घाट के पास बस स्टॉप बनाया गया है, जहां से यात्रियों को छोटे वाहनों और पैदल ही आगे जाने दिया जा रहा है। ऐसे में सैलानियों व श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी पर स्थित सुजावन देव घाट पर अस्थाई टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। यहां से जलपोत के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटकों को घाटों के साथ संगम स्थल पर ले जाया जाएगा।
यह यात्रा लगभग डेढ़ से दो घंटे की होगी। किराया लगभग आठ सौ रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। जलपोत से सभी को यमुना के रास्ते संगम ले जाया जाएगा। जहां वे स्नान, ध्यान कर सकेंगे। जलपोत पर एक बार में डेढ़ से दो सौ यात्री सवार हो सकेंगे।
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आईडब्ल्यूएआई के उपनिदेशक मयंक कुमार जल परिवहन यात्री परिवहन को सुचारु बनाने के साथ ही गंगा में परिवहन के लिए उपयुक्त वातावरण भी तैयार करेगा। ड्रेजिंग मशीनें यहां लगाई गई हैं जो यमुना और गंगा में हार्ड स्टेटा और बालू के टिलों की छटाई कर जल परिवहन के लिए सुगम रास्ता बनाएंगी।
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सुजावन देव घाट के पास बस स्टॉप बनाया गया है, जहां से यात्रियों को छोटे वाहनों और पैदल ही आगे जाने दिया जा रहा है। ऐसे में सैलानियों व श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी पर स्थित सुजावन देव घाट पर अस्थाई टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। यहां से जलपोत के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटकों को घाटों के साथ संगम स्थल पर ले जाया जाएगा।
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यह यात्रा लगभग डेढ़ से दो घंटे की होगी। किराया लगभग आठ सौ रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। जलपोत से सभी को यमुना के रास्ते संगम ले जाया जाएगा। जहां वे स्नान, ध्यान कर सकेंगे। जलपोत पर एक बार में डेढ़ से दो सौ यात्री सवार हो सकेंगे।
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आईडब्ल्यूएआई के उपनिदेशक मयंक कुमार जल परिवहन यात्री परिवहन को सुचारु बनाने के साथ ही गंगा में परिवहन के लिए उपयुक्त वातावरण भी तैयार करेगा। ड्रेजिंग मशीनें यहां लगाई गई हैं जो यमुना और गंगा में हार्ड स्टेटा और बालू के टिलों की छटाई कर जल परिवहन के लिए सुगम रास्ता बनाएंगी।
फ्रेट विलेज : 34 एकड़ जमीन अधिग्रहित
फ्रेट विलेज के लिए जरूरी 100 एकड़ जमीन के अधिग्रहण में भी तेजी आई है। अब तक मिल्कीपुर में 34 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। ताहिरपुर सहित चंदौली के अन्य क्षेत्रों में 20 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। फ्रेट विलेज, आईडब्ल्यूएआई की योजना है।
जमीन अधिग्रहित होने के बाद यहां बिजली, पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मल्टीनेशनल कंपनियों को भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। वे अपने वेयर हाउसेज, पैकेजिंग प्लांट, फ्रीजिंग प्लांट आदि बनाएंगे। जलमार्ग से आने वाले माल को यहां रखवाया जाएगा। साथ ही फ्रेट विलेज से तैयार माल भेजा भी जा सकेगा। यह देश का पहला फ्रेट विलेज होगा।
जमीन अधिग्रहित होने के बाद यहां बिजली, पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मल्टीनेशनल कंपनियों को भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। वे अपने वेयर हाउसेज, पैकेजिंग प्लांट, फ्रीजिंग प्लांट आदि बनाएंगे। जलमार्ग से आने वाले माल को यहां रखवाया जाएगा। साथ ही फ्रेट विलेज से तैयार माल भेजा भी जा सकेगा। यह देश का पहला फ्रेट विलेज होगा।