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बनारस के सबसे सघन इलाके में अवैध निर्माण की खुली पोल तो टूटी अधिकारियों की नींद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:16 PM IST
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दालमंडी में तीन अवैध निर्माण सील, दो सुपरवाइजर सस्पेंड
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के सबसे सघन इलाके दालमंडी में धड़ल्ले से चोरी छिपे हो रहे अवैध निर्माण की कलई खुलने के बाद बुधवार को वीडीए और पुलिस अधिकारियों की नींद टूटी। आनन-फानन में पहुंचे अधिकारियों ने दालमंडी क्षेत्र के ‘मिल्लत मार्केट’ से मशहूर भवन सहित तीन अवैध निर्माण को सील कर दिया। वीडीए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दशाश्वमेध जोन के छह कर्मचारियेां में एक-एक सुपरवाइजर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित करने के साथ ही तत्कालीन दो अवर अभियंता और एक सहायक अभियंता के खिलाफ निलंबन के लिए शासन से संस्तुति कर दी है।
वहीं तत्कालीन जोनल अधिकारी से इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और आईजी रेंज दीपक रतन ने स्थलीय निरीक्षण किया। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव विशाल सिंह और तहसीलदार अविनाश कुमार तथा सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी दलबल के साथ सुबह 11.30 बजे तक दालमंडी में पहुंच गए।
उपाध्यक्ष और सचिव के निर्देश पर जहां बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया था, उसकी पैमाइश कराई गई। वीडीए वीसी ने बताया कि पूरा निर्माण आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया है। फिलहाल कटरे में 140 दुकानें आवंटित हैं। वहीं बीच दालमंडी मार्ग पर बने एक भवन और दुसरे हड़हासराय और बेनियाबाग बाउंड्री के पास में बन रहे एक भवन को वीडीए ने सील कर दिया। इस दौरान दोपहर तीन बजे तक दालमंडी इलाके में हड़कंप मचा रहा।
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भवन स्वामी सीके 67/5,6,7 और 67/7ए, मंसूर अहमद, शहीद अली, शमशेर आलम, अली जान व शायराबानो की ओर से निर्माण कराया जा रहा था। भवन स्वामी की ओर से अंडरग्राउंड बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल का अवैध निर्माण हो रहा था।
दालमंडी और हड़हा सराय इलामें भवन संख्या सीके 68/36 राबिया बेगम की ओर से 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट, ग्राउंड सहित तीन मंजिले भवन का निर्माण शुरू था। वहीं भवन संख्या सीके 46/38 में मोहम्मद सलीम ग्राउंड के अलावा तीन तल का निर्माण करा रहे थे।
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वहीं तत्कालीन जोनल अधिकारी से इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और आईजी रेंज दीपक रतन ने स्थलीय निरीक्षण किया। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव विशाल सिंह और तहसीलदार अविनाश कुमार तथा सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी दलबल के साथ सुबह 11.30 बजे तक दालमंडी में पहुंच गए।
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उपाध्यक्ष और सचिव के निर्देश पर जहां बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया था, उसकी पैमाइश कराई गई। वीडीए वीसी ने बताया कि पूरा निर्माण आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया है। फिलहाल कटरे में 140 दुकानें आवंटित हैं। वहीं बीच दालमंडी मार्ग पर बने एक भवन और दुसरे हड़हासराय और बेनियाबाग बाउंड्री के पास में बन रहे एक भवन को वीडीए ने सील कर दिया। इस दौरान दोपहर तीन बजे तक दालमंडी इलाके में हड़कंप मचा रहा।
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भवन स्वामी सीके 67/5,6,7 और 67/7ए, मंसूर अहमद, शहीद अली, शमशेर आलम, अली जान व शायराबानो की ओर से निर्माण कराया जा रहा था। भवन स्वामी की ओर से अंडरग्राउंड बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल का अवैध निर्माण हो रहा था।
दालमंडी और हड़हा सराय इलामें भवन संख्या सीके 68/36 राबिया बेगम की ओर से 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट, ग्राउंड सहित तीन मंजिले भवन का निर्माण शुरू था। वहीं भवन संख्या सीके 46/38 में मोहम्मद सलीम ग्राउंड के अलावा तीन तल का निर्माण करा रहे थे।
अधिकारियों और दुकानदारों से हुई नोकझोंक
पुलिस और वीडीए की टीम पहुंचते ही दालमंडी में मची अफरा-तफरी
- फोटो : अमर उजाला
दुकान और निर्माणाधीन भवन को सील करने की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों का कहना था कि वह तो किराए पर हैं उनकी दुकान कैसे सील की जा रही है। जो भवन स्वामी है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और इस निर्माण को सील किया जाना चाहिए। अधिकारियों से काफी देर तक बहस और गरमा-गरमी के बाद पूरे भवन को पैमाइश कर सील किया गया।
दालमंडी सहित आसपास केइलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई से क्षेत्रीय दुकानदार खुश है। लेकिन उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई वीडीए या प्रशासन तब करता है जब निर्माण आधे से अधिक हो जाता है। ऐसे निर्माणों पर शुरूआती दौर में नकेल कसी जानी चाहिए और समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए।
दुकानदार इमरान अहमद का कहना है कि वीडीए और पुलिस समय से कार्रवाई करती तो निर्माण नहीं हो पाता। पहले बनने की छूट दे दी जाती है बाद में दबाव पड़ने पर ढहा दिया जाता है। वहीं मकसूद आलम कहते हैँ कि इतने दिन तक पुलिस और प्रशासन की नींद नहीं खुली थी। यह कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी। एमएस अहदम का कहना है कि दालमंडी सहित शहर के सभी सघन बाजारों में इस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए जहां अवैध ढंग से निर्माण कराया जा रहा है।
दालमंडी सहित आसपास केइलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई से क्षेत्रीय दुकानदार खुश है। लेकिन उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई वीडीए या प्रशासन तब करता है जब निर्माण आधे से अधिक हो जाता है। ऐसे निर्माणों पर शुरूआती दौर में नकेल कसी जानी चाहिए और समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए।
दुकानदार इमरान अहमद का कहना है कि वीडीए और पुलिस समय से कार्रवाई करती तो निर्माण नहीं हो पाता। पहले बनने की छूट दे दी जाती है बाद में दबाव पड़ने पर ढहा दिया जाता है। वहीं मकसूद आलम कहते हैँ कि इतने दिन तक पुलिस और प्रशासन की नींद नहीं खुली थी। यह कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी। एमएस अहदम का कहना है कि दालमंडी सहित शहर के सभी सघन बाजारों में इस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए जहां अवैध ढंग से निर्माण कराया जा रहा है।
इन पर गिरी गाज और शासन से निलंबन की संस्तुति
आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट से लेकर एक मंजिल तक हुआ था निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
दालमंडी इलाके में धड़ल्ले से चोरी छिपे हो रहे निर्माण की कलई खुलने के बाद वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने दो कर्मचारियों को निलंबित करते हुए तीन के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति कर दी है। साथ ही एक जोनल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
उपाध्यक्ष ने कर्मचारी वर्क सुपरवाइजर दशरथ प्रसाद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राम प्रताप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं दशाश्वमेध जोन के तत्कालीन अवर अभियंता अनिल कुमार सिंहल, सुरेंद्र सिंह यादव और सहायक अभियंता अरुण कुमार सक्सेना के निलंबन के लिए नियुक्ति प्राधिकारी प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को संस्तुति कर दी है।
इसके अलावा जोन में तैनात तत्कालीन जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता राजकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अधिकारी/कर्मचारी कब से कब तक रहे तैनात
जोनल अधिकारी राजकुमार-18 सितंबर 2015 से 12 जुलाई 2017 तक
जोनल अधिकारी अविनाश कुमार 13 जुलाई 2017 से अब तक
सहायक अभियंता अरूण कुमार सक्सेना 11 दिसंबर 2015 से अब तक
अवर अभियंता अनिल कुमार सिंहल 10 सितंबर से 12 जुलाई 2017 तक
अवर अभियंता सुरेंद्र यादव 13 जुलाई 17 से 26 अक्तूबर 17 तक
अवर अभियंता अतुल मिश्रा 27 अक्तूबर से अब तक
वर्क सुपरवाइजर दशरथ प्रसाद 22 जून 2016 से 12 जुलाई 17 तक
वर्क सुपरवाइजर नागेंद्र सिंह 13 जुलाई 17 से अब तक
चतुर्थ श्रेणी राम प्रताप शर्मा 22 जून से 16 से 12 जुलाई 17 तक
चतुर्थ श्रेणी विजय कुमार गुप्ता 13 जुलाई 17 से अब तक
उपाध्यक्ष ने कर्मचारी वर्क सुपरवाइजर दशरथ प्रसाद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राम प्रताप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं दशाश्वमेध जोन के तत्कालीन अवर अभियंता अनिल कुमार सिंहल, सुरेंद्र सिंह यादव और सहायक अभियंता अरुण कुमार सक्सेना के निलंबन के लिए नियुक्ति प्राधिकारी प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को संस्तुति कर दी है।
इसके अलावा जोन में तैनात तत्कालीन जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता राजकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अधिकारी/कर्मचारी कब से कब तक रहे तैनात
जोनल अधिकारी राजकुमार-18 सितंबर 2015 से 12 जुलाई 2017 तक
जोनल अधिकारी अविनाश कुमार 13 जुलाई 2017 से अब तक
सहायक अभियंता अरूण कुमार सक्सेना 11 दिसंबर 2015 से अब तक
अवर अभियंता अनिल कुमार सिंहल 10 सितंबर से 12 जुलाई 2017 तक
अवर अभियंता सुरेंद्र यादव 13 जुलाई 17 से 26 अक्तूबर 17 तक
अवर अभियंता अतुल मिश्रा 27 अक्तूबर से अब तक
वर्क सुपरवाइजर दशरथ प्रसाद 22 जून 2016 से 12 जुलाई 17 तक
वर्क सुपरवाइजर नागेंद्र सिंह 13 जुलाई 17 से अब तक
चतुर्थ श्रेणी राम प्रताप शर्मा 22 जून से 16 से 12 जुलाई 17 तक
चतुर्थ श्रेणी विजय कुमार गुप्ता 13 जुलाई 17 से अब तक