Varanasi : लड़कियां 1090 को दोस्त समझें, फ्रॉड हो तो 1930 पर कॉल करें, पुलिस की पाठशाला में बोलीं ACP चेतगंज
Varanasi : अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला को चेतगंज एसीपी नीतू ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आपको तय करना है कि अपना भविष्य कैसे बनाना है। छात्र जीवन में इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ाव सिर्फ अपनी जरूरत के लिए ही होना चाहिए।
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आपके साथ या किसी के साथ कुछ भी गलत हो तो आप मुखर होकर आवाज उठाएं। पुलिस के सामने अपनी बात जरूर रखें। पुलिस भी इसी समाज का हिस्सा हैं। वह आपकी मदद के लिए ही है। बदलते दौर के साथ पुलिसिंग में भी बदलाव आया है। इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है।
ये बातें एसीपी चेतगंज नीतू ने गुरुवार को नरहरपुरा, औसानगंज स्थित डीएवी पीजी कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। 2020 बैच की आईपीएस नीतू ने स्नातक के छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी प्रतिभावान हैं। इसी वजह से इतने अच्छे कॉलेज में पढ़ रहे हैं। यह आपको तय करना है कि आपको अपना भविष्य कैसे बनाना है। छात्र जीवन में इंटरनेट और सोशल मीडिया से जुड़ाव सिर्फ अपनी जरूरत के लिए ही होना चाहिए।
आईपीएस नीतू ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि कहीं भी मुश्किल स्थिति हो, 112 नंबर पर फोन जरूर करें। लड़कियां 1090 नंबर को अपना दोस्त समझें। किसी भी विपरीत परिस्थिति में फोन करने से संकोच न करें। साइबर फ्रॉड हो तो 1930 पर कॉल करने में देरी न करें। आप सभी छात्र-छात्राएं 112, 1090 और 1930 के बारे में आमजन को भी जरूर बताएं।
सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। मोबाइल पर आए किसी लिंक को कतई क्लिक न करें। इससे पहले कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. सत्यगोपाल ने एसीपी चेतगंज नीतू को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। संचालन डॉ. संगीता जैन ने किया।
छात्रों के सवाल, आईपीएस के जवाब
ट्रेन में टिकट होने के बावजूद भी बिना टिकट सफर कर रहे पुलिसकर्मियों ने बदतमीजी की। - अमरनाथ
यदि आपके साथ ऐसा कुछ हो तो उसे अपने मोबाइल के कैमरे से रिकॉर्ड करें। सक्षम अधिकारी से शिकायत करें। गलत हो तो उसके लिए सही तरीके से आवाज उठाना ही पड़ेगा।
वीआईपी के आवागमन के दौरान ई-रिक्शा चालकों के साथ बदसलूकी क्यों की जाती है? - गोविंद नारायण
आप इस मामले में एक पहलू देख रहे हैं। एक अन्य पहलू यह भी है कि शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण ई-रिक्शा ही हैं। उनसे हमारी भी हमदर्दी है, लेकिन महत्वपूर्ण पदों पर आसीन शख्सियतों का प्रोटोकॉल होता है और उसका पुलिस को पालन कराना होता है।
आप इतनी कम उम्र में कैसे आईपीएस बन गईं। - विवेक
पढ़ाई के अलावा कभी किसी दूसरी चीज पर ध्यान नहीं दिया। ईमानदारी और मेहनत के साथ लक्ष्य तयकर जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई की।
साइबर क्राइम करने वालों के खिलाफ पुलिस ठोस कार्रवाई क्यों नहीं करती? - सागर
कमिश्नरेट में इसके लिए साइबर सेल का गठन किया गया है, जो प्रभावी तौर पर काम करती है। आप अपनी शिकायत उचित फोरम पर करें। कार्रवाई हर हाल में होगी।
किताबें देकर किया पुरस्कृत, बोलीं- फिर आऊंगी
अमरनाथ, गोविंद नारायण, विवेक और सागर के अलावा छात्रा मालिनी, सुमैया, रानी जायसवाल, रिकेश मिश्रा और अभय कुमार ने भी एसीपी चेतगंज से सवाल किए। इन सभी को एसीपी चेतगंज ने अमर उजाला फाउंडेशन की पुस्तकें देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल साहब एक संवाद का कार्यक्रम रखें तो छात्र-छात्राओं से यूपीएससी की तैयारी के बारे में विस्तार से बात करने के साथ ही सभी के सवालों का जवाब देने फिर से आऊंगी।