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Varanasi News: निवेश पर तगड़े मुनाफे का झांसा देकर पैसे हड़पने का आरोपी गिरफ्तार

Wed, 30 Oct 2024 02:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 02:15 AM IST
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Accused of embezzling money by promising huge profits on investment arrested
फोटो...
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निवेश पर तगड़े मुनाफे का झांसा देकर पैसे हड़पने का आरोपी गिरफ्तार

- साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने अंतरराज्यीय जालसाज पकड़ा, खाते में मौजूद 50 लाख रुपये कराया गया फ्रीज


माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। वेल्स इन्वेस्टमेंट वेबसाइट पर निवेश करने पर तगड़े मुनाफे का झांसा देकर पैसे हड़पने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पटना के गौरीचक थाने के नादघाट निवासी राज कुमार उर्फ राज सागर उर्फ छोटू के रूप में हुई है।

उसके पास से दो आईफोन और 5200 रुपये बरामद किए गए। आरोपी के खाते में मौजूद 50 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। आरोपी के खिलाफ वाराणसी और पटना में दो मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली और हरियाणा से संबंधित उसका आपराधिक इतिहास पुलिस खंगाल रही है।
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पांडेयपुर स्थित ईएसआईसी अस्पताल की डॉ. रीना रंजन 13 मार्च 2024 को साइबर क्राइम थाने में 27 लाख 50 हजार रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि वेल्स इन्वेस्टमेंट वेबसाइट पर इन्वेस्टमेंट करने पर तगड़े मुनाफे का झांसा देकर उनके साथ साइबर फ्रॉड किया गया है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र ने बताया कि इंस्पेक्टर अनीता सिंह के नेतृत्व में दरोगा नीलम सिंह की टीम ने जांच शुरू की। सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट का इस्तेमाल करते हुए आरोपी को चिह्नित कर पकड़ा गया।
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लोन का झांसा देकर खुलवाए गए खाते में ट्रांसफर करते हैं पैसा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साइबर अपराधियों के साथ मिलकर फर्जी शेयर मार्केट की वेबसाइट पर इन्वेस्टमेंट कराने और हाई रिटर्न देने के नाम पर वह फ्राॅड करता है। इसके लिए लोगों को लोन का झांसा देकर उनका खाता अपने तरीके से खुलवाया जाता है। खाताधारक की जानकारी के बगैर ही उसका नेट बैंकिंग यूजर पासवर्ड, डेबिट कार्ड का विवरण और पिन ले लिया जाता है। उन्हीं खातों में फ्रॉड का पैसा ट्रांसफर कर नेट बैंकिंग के माध्यम से लेनदेन किया जाता है। उस पैसे को देश से बाहर भेजने के लिए क्रिप्टो / यूएसडीटी का प्रयोग किया जाता है। अपने बचाव के लिए आधार कार्ड में परिवर्तन के साथ ही लगातार मोबाइल नंबर बदला जाता है। ताकि, पुलिस पकड़ न पाए।
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