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Varanasi News: निशात हॉस्पिटल में मिला लावारिस नवजात, स्टाफ ने मां का दिया नंबर तो डायरेक्टर ने उठाया फोन

Wed, 03 Sep 2025 10:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 03 Sep 2025 10:38 PM IST
सार

अस्पताल में लावारिस नवजात के मिलने की सूचना पाकर माैके पर बड़ागांव थाने की पुलिस भी पहुंच गई। यहां के कर्मचारियों से जानकारी लेने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। नवजात को चाइल्ड केयर एशियन सहयोगी संस्था में भेज दिया गया।

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abandoned newborn was found in Nishat Hospital when staff gave mobile number of mother director picked up
अस्पताल के बाहर पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ballia News: बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ चौराहे पर बने निशांत हॉस्पिटल में बुधवार को एक लावारिस नवजात मिलने से हड़कंप मच गया। लोगों से पूछताछ के बाद भी बच्चे की मां और पिता का पता नहीं चला। बिना पंजीकरण चलने वाले अस्पताल की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। 

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पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसी कैमरे का डीवीआर कब्जे में लिया है। बच्चा अस्पताल में कैसे पहुंचा, इसकी हकीकत का पता चल जाएगा। हॉस्पिटल के बिना पंजीकरण, डॉक्टर के चलने की शिकायत कुछ लोगों ने की थी। 
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जांच करने बुधवार को पहुंची टीम में नायब तहसीलदार पिंडरा मनोज सिंह, हरहुआ पीएचसी के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार, आरबीएसके के नोडल मेडिकल आफिसर डॉ. अब्दुल जावेद, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सतीश गुप्ता, चौकी इंचाज हरहुआ अभिषेक राय थे। 

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अस्पताल में लावारिस नवजात। - फोटो : अमर उजाला

टीम ने देखा कि एक महिला नवजात बच्चे के साथ बेड पर लेटी थी जबकि एक अन्य बेड पर लावारिस नवजात लेटा था। टीम ने माता-पिता के बारे में स्टाफ से जानकारी मांगी तो पहले तो उसने अपनी बहन का बच्चा बताया। 

जब पुलिस ने मोबाइल नंबर मांगा और उस पर फोन किया तो वह नंबर अस्पताल की डायरेक्टर का निकला। पुलिस के अनुसार डायरेक्टर ने कुछ देर बाद मोबाइल भी ऑफ कर दिया। चार घंटे की कार्रवाई के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।

लावारिस को संस्था के पास भेजा, दूसरी मरीज गई महिला अस्पताल
महिला जिसकी डिलीवरी बुधवार को हुई थी, उसे नवजात के साथ एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा भिजवाया गया। जो लावारिस बच्चा बेड पर लेटा था, उसे चाइल्ड केयर एशियन सहयोगी संस्था बाबतपुर को भेजा गया। नायब तहसीलदार मनोज सिंह ने कहा कि बिना पंजीकरण अस्पताल का संचालन कानून का उल्लंघन है। अस्पताल को सील कर दिया गया है।

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