{"_id":"579e58d94f1c1be3762b9145","slug":"a-queue-of-devotees-of-baba-jalabhishek","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लगी कतार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा के जलाभिषेक के लिए भक्तों की लगी कतार
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन
कांवरिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए लाखों की तादाद में कांवरिए उमड़ पड़े हैं। रविवार को भी गेट नं. चार बंद रहा। रात आठ बजे तक क्षतिग्रस्त दीवार का गेट के पास गिरा मलबा हटा लिया गया। रास्ता मंगला आरती के बाद खुलेगा।
प्रयाग से काशी के बीच सड़कों पर रविवार को दिन भर रेला चला। टेंपो, ट्रैक्टर-ट्रालियों पर झांकियां सजाकर भक्त पहुंचते रहे। शिविरों में तिल रखने की जगह नहीं रही, तो कांवर स्टैंडों में कांवर रखने की जगह कम पड़ गई। फिलहाल चितरंजन पार्क और सिंधी धर्मशाला में शिविरों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस बार सावन में बाबा के जलाभिषेक के लिए लाखों की तादाद में भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। शहर के शिविरों में तीन लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने का प्रबंध होगा।
बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के दूसरे सोमवार को लेकर रविवार को ही उत्सव जैसा माहौल बन गया। समय कम होने की वजह से चितरंजन पार्क में शिव शक्ति कांवरिया भक्त तीर्थयात्री सेवा समिति की ओर से 50 से अधिक सेवादार दिन रात शिविर में पसीना बहा रहे हैं। इस शिविर में करीब दो लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने की व्यवस्था की गई है। लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में बाबा काशी विश्वनाथ कांवरिया सेवा समिति के शिविर में भी रविवार को तिल रखने की जगह नहीं थी।
विज्ञापन
रात को सड़कों की पटरियों और डिवाइडरों पर भोले भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। इसी तरह रथयात्रा पर काशी कांवरिया शिविर में भी भक्तों के लिए सुबह से ही भंडारा चालू हो गया। शिविर के संचालक गोपाल सिंह के नेतृत्व में दिन भर में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया
विज्ञापन
प्रयाग से काशी के बीच सड़कों पर रविवार को दिन भर रेला चला। टेंपो, ट्रैक्टर-ट्रालियों पर झांकियां सजाकर भक्त पहुंचते रहे। शिविरों में तिल रखने की जगह नहीं रही, तो कांवर स्टैंडों में कांवर रखने की जगह कम पड़ गई। फिलहाल चितरंजन पार्क और सिंधी धर्मशाला में शिविरों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस बार सावन में बाबा के जलाभिषेक के लिए लाखों की तादाद में भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। शहर के शिविरों में तीन लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने का प्रबंध होगा।
विज्ञापन
बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के दूसरे सोमवार को लेकर रविवार को ही उत्सव जैसा माहौल बन गया। समय कम होने की वजह से चितरंजन पार्क में शिव शक्ति कांवरिया भक्त तीर्थयात्री सेवा समिति की ओर से 50 से अधिक सेवादार दिन रात शिविर में पसीना बहा रहे हैं। इस शिविर में करीब दो लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने की व्यवस्था की गई है। लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में बाबा काशी विश्वनाथ कांवरिया सेवा समिति के शिविर में भी रविवार को तिल रखने की जगह नहीं थी।
विज्ञापन
रात को सड़कों की पटरियों और डिवाइडरों पर भोले भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। इसी तरह रथयात्रा पर काशी कांवरिया शिविर में भी भक्तों के लिए सुबह से ही भंडारा चालू हो गया। शिविर के संचालक गोपाल सिंह के नेतृत्व में दिन भर में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया