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टिकट के लिए अंदर ही अंदर जोड़तोड़
Varanasi
Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। लोकसभा चुनाव की हलचल शुरू होते ही कांग्रेस से टिकट के दावेदारों ने अंदर ही अंदर जोड़तोड़ तेज कर दी है। उधर, मजबूत दावेदार की तलाश के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक पश्चिम बंगाल के विधायक सौमित्र खान यहां 28 नवंबर को वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
यहां से तीन बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके डा. राजेश मिश्रा अबकी फिर तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनकी दावेदारी पर विधायक अजय राय ने पेच फंसा दिया है। पार्टी जिलाध्यक्ष मणिशंकर पांडेय ने भी टिकट के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। अजय राय का कहना है कि वे टिकट के लिए दावेदारी नहीं करेंगे। पार्टी अगर चाहेगी तो चुनाव लड़ेंगे। यही बात पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा भी कह रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में आवेदन करके दावेदारी नहीं की जाती है। टिकट का निर्णय पार्टी हाईकमान खुद लेता है। चुनाव की तैयारी में वे कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। उधर, एक अन्य दावेदार मणिशंकर पांडेय का कहना है कि पर्यवेक्षक जब 28 नवंबर को लोकसभा चुनाव की तैयारी के दृष्टिगत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे तो उस दौरान वे टिकट के लिए दावेदारी भी करेंगे। टिकट की दावेदारी को लेकर तीनों नेताओं ने दिल्ली में भी अपने शुभचिंतक वरिष्ठ नेताओं के जरिए पार्टी हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश तेज कर दी है। इस बीच पार्टी नेताओं के बीच यह सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि दिग्विजय सिंह अजय व राजेश दोनों को सपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि अजय के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी राजेशपति त्रिपाठी भी लगे हुए हैं। जबकि राजेश दिग्विजय के साथ दिल्ली में मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के जरिए टिकट के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं। जबकि, मणिशंकर के बारे में कहा जा रहा है कि वे दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के जरिए टिकट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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यहां से तीन बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके डा. राजेश मिश्रा अबकी फिर तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनकी दावेदारी पर विधायक अजय राय ने पेच फंसा दिया है। पार्टी जिलाध्यक्ष मणिशंकर पांडेय ने भी टिकट के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। अजय राय का कहना है कि वे टिकट के लिए दावेदारी नहीं करेंगे। पार्टी अगर चाहेगी तो चुनाव लड़ेंगे। यही बात पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा भी कह रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में आवेदन करके दावेदारी नहीं की जाती है। टिकट का निर्णय पार्टी हाईकमान खुद लेता है। चुनाव की तैयारी में वे कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। उधर, एक अन्य दावेदार मणिशंकर पांडेय का कहना है कि पर्यवेक्षक जब 28 नवंबर को लोकसभा चुनाव की तैयारी के दृष्टिगत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे तो उस दौरान वे टिकट के लिए दावेदारी भी करेंगे। टिकट की दावेदारी को लेकर तीनों नेताओं ने दिल्ली में भी अपने शुभचिंतक वरिष्ठ नेताओं के जरिए पार्टी हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश तेज कर दी है। इस बीच पार्टी नेताओं के बीच यह सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि दिग्विजय सिंह अजय व राजेश दोनों को सपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि अजय के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी राजेशपति त्रिपाठी भी लगे हुए हैं। जबकि राजेश दिग्विजय के साथ दिल्ली में मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के जरिए टिकट के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं। जबकि, मणिशंकर के बारे में कहा जा रहा है कि वे दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के जरिए टिकट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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