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ट्विन सिटी की तर्ज पर विकसित होगा वाराणसी-मुगलसराय
Varanasi
Updated Tue, 05 Aug 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। अब मुगलसराय के भी अच्छे दिन आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की ट्विन सिटी के रूप में इसे विकसित करने का खाका तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक गलियारों में जारी चर्चाओं की मानें तो वाराणसी विजन 2017 के तहत केंद्र की वित्तीय मदद के सहारे प्रदेश सरकार मुगलसराय व आसपास के क्षेत्र का विकास कराएगी।
सिकंदराबाद को हैदराबाद की तर्ज पर विकसित कर उसे समस्त प्रकार की आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाया गया है। इसी तरह वाराणसी से सटे मुगलसराय से देश के महत्वपूर्ण रेल मार्ग नई दिल्ली और कोलकाता के साथ ही जीटी रोड गुजरती है। मुगलसराय और इसके आसपास स्थित कस्बों में विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध है। इन्हीं बातोें को ध्यान में रख कर प्रधानमंत्री ने वाराणसी और इससे महज 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुगलसराय के भी विकास की ठानी है। शासन स्तर के नीति निर्धारकों का मानना है कि वाराणसी की तर्ज पर व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी बसावट की संभावनाओं को नियोजित रूप देकर मुगलसराय में विकास की संभावनाओं का विस्तार किया जा सकता है। इसे लेकर मुगलसराय और रामनगर के साथ ही पड़ाव, दुलहीपुर और चंदासी में विकास की संभावनाओं को तलाशने के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत वाराणसी से रामनगर व मुगलसराय मार्ग पर महायोजना 2031 में भी भारी उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना करने के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है।
इनसेट
विजन 2017 के यह होंगे फायदे
- वाराणसी-मुगलसराय के बीच डीएमयू/शटल ट्रेनों का नियमित अंतराल पर संचालन।
- पर्यटकों के लिहाज से वाराणसी-मुगलसराय के बीच हाईटेक बस संचालन।
- बाबतपुर-कैंट-मुगलसराय लिंक बस सर्विस और रेडियो टैक्सी का संचालन।
- वाराणसी और मुगलसराय में पर्यटक सूचना और सहायता केंद्रों की स्थापना।
- राजघाट के पास गंगा नदी पर नए पुल का निर्माण।
- कैंट से मुगलसराय के बीच पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से तारांकित होटलों का निर्माण।
कोट
वाराणसी महायोजना पार्ट ए को मंजूरी मिल ही गई है। अब वाराणसी पार्ट बी यानी रामनगर-मुगलसराय महायोजना को अंतिम रूप देने के लिए कार्य किया जा रहा है। शासन की यह मंशा है कि वाराणसी की तर्ज पर ही उससे लगे हुए रामनगर और मुगलसराय का भी नियोजित विकास किया जाए। - टीपी सिंह, सहायक नगर नियोजक, वीडीए
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सिकंदराबाद को हैदराबाद की तर्ज पर विकसित कर उसे समस्त प्रकार की आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाया गया है। इसी तरह वाराणसी से सटे मुगलसराय से देश के महत्वपूर्ण रेल मार्ग नई दिल्ली और कोलकाता के साथ ही जीटी रोड गुजरती है। मुगलसराय और इसके आसपास स्थित कस्बों में विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध है। इन्हीं बातोें को ध्यान में रख कर प्रधानमंत्री ने वाराणसी और इससे महज 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुगलसराय के भी विकास की ठानी है। शासन स्तर के नीति निर्धारकों का मानना है कि वाराणसी की तर्ज पर व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी बसावट की संभावनाओं को नियोजित रूप देकर मुगलसराय में विकास की संभावनाओं का विस्तार किया जा सकता है। इसे लेकर मुगलसराय और रामनगर के साथ ही पड़ाव, दुलहीपुर और चंदासी में विकास की संभावनाओं को तलाशने के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत वाराणसी से रामनगर व मुगलसराय मार्ग पर महायोजना 2031 में भी भारी उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना करने के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है।
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इनसेट
विजन 2017 के यह होंगे फायदे
- वाराणसी-मुगलसराय के बीच डीएमयू/शटल ट्रेनों का नियमित अंतराल पर संचालन।
- पर्यटकों के लिहाज से वाराणसी-मुगलसराय के बीच हाईटेक बस संचालन।
- बाबतपुर-कैंट-मुगलसराय लिंक बस सर्विस और रेडियो टैक्सी का संचालन।
- वाराणसी और मुगलसराय में पर्यटक सूचना और सहायता केंद्रों की स्थापना।
- राजघाट के पास गंगा नदी पर नए पुल का निर्माण।
- कैंट से मुगलसराय के बीच पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से तारांकित होटलों का निर्माण।
कोट
वाराणसी महायोजना पार्ट ए को मंजूरी मिल ही गई है। अब वाराणसी पार्ट बी यानी रामनगर-मुगलसराय महायोजना को अंतिम रूप देने के लिए कार्य किया जा रहा है। शासन की यह मंशा है कि वाराणसी की तर्ज पर ही उससे लगे हुए रामनगर और मुगलसराय का भी नियोजित विकास किया जाए। - टीपी सिंह, सहायक नगर नियोजक, वीडीए
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