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विद्वत परिषद ने मोदी को भेजा काशी के विकास का प्रस्ताव
Varanasi
Updated Wed, 28 May 2014 05:33 AM IST
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वाराणसी। अखिल भारतीय विद्वत परिषद ने काशी के विकास के लिए पांच सूत्रीय प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। मंगलवार को पांच घंटे तक चली बैठक के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया।
पीएम को भेजे गए प्रस्ताव में गंगा के पश्चिमी भाग में 10 किमी तक परिक्षेत्र को सांस्कृतिक, धार्मिक दृष्टि से उपयुक्त बताया गया। औद्यौगिक इकाइयां काशी की परिधि से बाहर स्थापित करने का सुझाव दिया गया। अंतरगृही परिक्रमा क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री रोकने का सुझाव दिया गया। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने,सरस्वती भवन को अंतराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करने की जरूरत पर बल दिया गया। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग को सुदृढ़ बनाने और प्राचीन मंदिरों की मरम्मत कराकर पर्यटन के अनुरूप बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। इस बैठक में प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. कमलेश झा, डॉ. माधवी तिवारी, अपराजिता, उपेंद्र विनायक सहस्त्रबुद्धे, राम सागर दुबे, नागेंद्र द्विवेदी, डॉ. कमला पांडेय समेत तमाम विद्वान उपस्थित थे।
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पीएम को भेजे गए प्रस्ताव में गंगा के पश्चिमी भाग में 10 किमी तक परिक्षेत्र को सांस्कृतिक, धार्मिक दृष्टि से उपयुक्त बताया गया। औद्यौगिक इकाइयां काशी की परिधि से बाहर स्थापित करने का सुझाव दिया गया। अंतरगृही परिक्रमा क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री रोकने का सुझाव दिया गया। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने,सरस्वती भवन को अंतराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करने की जरूरत पर बल दिया गया। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग को सुदृढ़ बनाने और प्राचीन मंदिरों की मरम्मत कराकर पर्यटन के अनुरूप बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। इस बैठक में प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. कमलेश झा, डॉ. माधवी तिवारी, अपराजिता, उपेंद्र विनायक सहस्त्रबुद्धे, राम सागर दुबे, नागेंद्र द्विवेदी, डॉ. कमला पांडेय समेत तमाम विद्वान उपस्थित थे।
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