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मोदी की लहर जेपी आंदोलन से भी बड़ी : एमजे अकबर
Varanasi
Updated Sun, 27 Apr 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमजे अकबर ने शनिवार को नरेंद्र मोदी की लहर को जेपी आंदोलन से भी बड़ी करार दिया। उन्होंने बताया कि जेपी (जयप्रकाश नारायण) किसी पार्टी से नहीं जुड़े थे लेकिन नरेंद्र मोदी के पास मजबूत संगठन के साथ करिश्मा भी है और लहर भी। पांच साल बाद विकास के जिस नए मॉडल की चर्चा होगी, उसका नाम काशी होगा। ‘गुजरात मॉडल’ पर हो रही बहस को बेमतलब बताते हुए उन्होंने वहां कृषि उत्पाद से लेकर अन्य क्षेत्रों में विकास दर की वृद्धि का बखान किया। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार देश में मोदी के नेतृत्व में बहुमत की सरकार बनेगी।
छावनी क्षेत्र के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में अकबर ने कहा कि देश में गुजरात के विकास की चर्चा मीडिया से ज्यादा वहां की तस्वीर देखकर लौटने वाले लोग कर रहे हैं। बिहार से जाकर वहां नौकरी करने वाले लोग अपने गांव आकर बता रहे हैं कि गुजरात में बिजली 24 घंटे मिलती है। इसीलिए वहां जेनरेटर नहीं बिकता। आपस की यही गुफ्तगू गुजरात मॉडल की गूंज में परिवर्तित हो गई है। कहा कि दस साल के यूपीए के कार्यकाल में अर्थनीति कमजोर हुई है। दो करोड़ से अधिक लोग लगातार रोजगार की तलाश में भटकते रहे हैं। ऐसे में मोदी को लेकर युवाओं को आशा की किरण नजर आने लगी है। एमपी चुने जाने के बाद वाराणसी के प्रति मोदी की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उनका एक ही लक्ष्य है विकास और नौकरी। बताया कि मोदी चाहते हैं कि हिंदू-मुसलमान आपस में न लड़कर गरीबी के खिलाफ लामबंद हों। शांति के बिना तरक्की नहीं होगी। जब हर वर्ग साथ चलेगा, तभी मुल्क चलेगा।
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छावनी क्षेत्र के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में अकबर ने कहा कि देश में गुजरात के विकास की चर्चा मीडिया से ज्यादा वहां की तस्वीर देखकर लौटने वाले लोग कर रहे हैं। बिहार से जाकर वहां नौकरी करने वाले लोग अपने गांव आकर बता रहे हैं कि गुजरात में बिजली 24 घंटे मिलती है। इसीलिए वहां जेनरेटर नहीं बिकता। आपस की यही गुफ्तगू गुजरात मॉडल की गूंज में परिवर्तित हो गई है। कहा कि दस साल के यूपीए के कार्यकाल में अर्थनीति कमजोर हुई है। दो करोड़ से अधिक लोग लगातार रोजगार की तलाश में भटकते रहे हैं। ऐसे में मोदी को लेकर युवाओं को आशा की किरण नजर आने लगी है। एमपी चुने जाने के बाद वाराणसी के प्रति मोदी की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उनका एक ही लक्ष्य है विकास और नौकरी। बताया कि मोदी चाहते हैं कि हिंदू-मुसलमान आपस में न लड़कर गरीबी के खिलाफ लामबंद हों। शांति के बिना तरक्की नहीं होगी। जब हर वर्ग साथ चलेगा, तभी मुल्क चलेगा।
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