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महामना की मूर्ति पर सियासत

Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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नामांकन के दौरान मोदी द्वारा महामना मालवीय की प्रतिमा का माल्यार्पण करने के बाद मूर्तियों पर सियासत शुरू हो गई है। सपा ने जहां महात्मा गांधी को भुलाने का आरोप लगाया है वहीं सपा कार्यकर्ताओं ने महामना की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गंगाजल से प्रतिमा का शुद्धीकरण किया। वहीं महात्मा गांधी को भूलने के मामले में रविशंकर प्रसाद से सवाल किया गया तो उन्होंने मीडिया को नसीहत दे दी कि मोदी की आलोचना बंद करें और जनता की समस्याओं की बात करें।
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साबरमती के संत का नहीं रखा ध्यान : शतरुद्र प्रकाश
वाराणसी। मूर्तियों के माल्यार्पण और दंडवत की राजनीति करने वाले भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने साबरमती के संत को प्रणाम तक नहीं किया। यह बात समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता शतरुद्र प्रकाश ने गुरुवार की ब्रीफिंग में कही। सपा प्रवक्ता ने कहा कि मोदी और गुजरात से आए उनके सुरक्षाकर्मी जूता पहनकर प्रतिमा के मंच पर चढ़ गए थे। ऐसे में उसे धोकर कार्यकर्ताओं ने ठीक ही किया है।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में जहां मोदी का हेलिकाप्टर उतरा, वहां से कुछ ही दूरी पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी की प्रतिमा है। प्रतिमाओं पर दंडवत करते घूम रहे भाजपा उम्मीदवार ने साबरमती को याद किया लेकिन साबरमती के संत की प्रतिमा को भूल गए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता दो लाख लोगों के उमड़ने की बातें कर रहे थे लेकिन बात खोदा पहाड़ चुहिया जैसी ही साबित हुई। पार्टी दावे की एक चौथाई भीड़ भी नहीं जुटा पाई। भाजपा के उड़नखटोला उम्मीदवार केवल पर्चा दाखिला करने आए थे, उन्हें जनता के दर्द की कोई चिंता नहीं थी।
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मोदी के हाथ गुजरात दंगों के खून से रंगे : एनएसयूआई
वाराणसी। मोदी के माल्यार्पण करने के बाद भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने शाम पांच बजे महामना की प्रतिमा को गंगाजल से धोया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नरेंद्र मोदी के हाथ गुजरात दंगे के खून से सने हैं। इससे महामना अपवित्र हो गए। एनएसयूआई बीएचयू इकाई के कार्यकर्ता शाम पांच बजे प्रतिमा स्थल पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष अमित राय और इकाई अध्यक्ष श्वेतांक पांडेय को प्रतिमा तक जाने दिया गया। उन्होंने गंगाजल से प्रतिमा धोकर माल्यार्पण किया। बाद में धनंजय त्रिपाठी, जयदेव पांडेय, मयंक शुक्ला, नवीन प्रताप आदि ने गंगा जल चढ़ाया।

सपा ने धुला दूध और गंगाजल से
वाराणसी। नरेंद्र मोदी के माल्यार्पण करके जाने के बाद गुरुवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं ने महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा को दूध और गंगाजल से धोकर शुद्ध किया। पार्षद रविकांत विश्वकर्मा, यूथ फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी राजू यादव, संदीप मिश्रा, अजय यादव आदि दिन में एक बजे दूध और गंगाजल लेकर बीएचयू सिंहद्वार पहुंचे। उन्होंने पहले 51 लीटर दूध से प्रतिमा को स्नान कराया और गंगाजल से धोया। उनका कहना था कि महामना से हमारी भावना जुड़ी हुई है। मोदी मूर्तियों की राजनीति करने आए थे। उन्होंने ठीक ही कहा कि उन्हें गंगा ने बुलाया है। गंगा की दुर्दशा टिहरी में गंगा को बांधने की मुरली मनोहर जोशी की कमेटी की संस्तुति के चलते ही हुई है।


मोदी की आलोचना बंद करे मीडिया : रविशंकर
वाराणसी। चार प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने और महात्मा गांधी को भूल जाने के मामले में रविशंकर प्रसाद ने सवाल पूछे जाने पर मीडिया को मोदी का आलोचक बताते हुए ही नसीहत दे डाली। उनसे पूछा गया कि जब सभी प्रतिमाओं का ध्यान रखा गया लेकिन मोदी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं किया, जबकि वह काशी विद्यापीठ परिसर में ही स्थित है। इस पर रविशंकर प्रसाद ने मीडिया अब मोदी की आलोचना बंद करे और जनता की समस्याओं के बारे में बात करे।
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