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दूसरे दिन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई टेंडर प्रक्रिया
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वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के लहरतारा स्थित मंडल कार्यालय में गुरुवार को टेंडर प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान बलिया के साइकिल स्टैंड के लिए टेंडर डाला गया जबकि चार पहिया स्टैंड के लिए टेंडर डालने कोई नहीं आया। वहीं, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद के वाहन स्टैंड का टेंडर डालने के लिए कोई नहीं आया।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड का टेंडर डालने को लेकर बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे के लहरतारा स्थित मंडल कार्यालय के बाहर दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और तमंचे लहराते हुए हवाई फायरिंग की बात भी सामने आई। सूचना पाकर सिगरा पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की। सामने आया कि भिड़ने वाले दोनों गुटों के लोगों में से एक भाजपा विधायक और दूसरा अभिषेक सिंह उर्फ हनी से जुड़ा हुआ है। बनारस में एक अरसे बाद रेलवे टेंडर को दो पक्षों के आपस में भिड़ने की बात से एसटीएफ सहित अन्य एजेंसियां भी एलर्ट हुई हैं और मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है।
डीरेका के साथ ही बनारस मंडल के रेलवे के टेंडरों में कभी मुन्ना बजरंगी गिरोह का खासा दबदबा रहता था। सूत्र बताते हैं कि बजरंगी की हत्या के बाद उसके गिरोह से जुड़े लोग रेलवे के ठेकों में एक बार फिर से अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। बताया जाता है कि इस काम में कभी बजरंगी के करीबी रहे और फिर उसके साले की हत्या के बाद अलग हो गए शख्स की अहम भूमिका है। उसी शख्स की बनाई रणनीति के आधार पर बजरंगी गिरोह के अहम सदस्य रहे लोग काम कर रहे हैं।
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मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड का टेंडर डालने को लेकर बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे के लहरतारा स्थित मंडल कार्यालय के बाहर दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और तमंचे लहराते हुए हवाई फायरिंग की बात भी सामने आई। सूचना पाकर सिगरा पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की। सामने आया कि भिड़ने वाले दोनों गुटों के लोगों में से एक भाजपा विधायक और दूसरा अभिषेक सिंह उर्फ हनी से जुड़ा हुआ है। बनारस में एक अरसे बाद रेलवे टेंडर को दो पक्षों के आपस में भिड़ने की बात से एसटीएफ सहित अन्य एजेंसियां भी एलर्ट हुई हैं और मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है।
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डीरेका के साथ ही बनारस मंडल के रेलवे के टेंडरों में कभी मुन्ना बजरंगी गिरोह का खासा दबदबा रहता था। सूत्र बताते हैं कि बजरंगी की हत्या के बाद उसके गिरोह से जुड़े लोग रेलवे के ठेकों में एक बार फिर से अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। बताया जाता है कि इस काम में कभी बजरंगी के करीबी रहे और फिर उसके साले की हत्या के बाद अलग हो गए शख्स की अहम भूमिका है। उसी शख्स की बनाई रणनीति के आधार पर बजरंगी गिरोह के अहम सदस्य रहे लोग काम कर रहे हैं।
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