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ये पल न भूलेंगे हम... काशीयात्रा के अंतिम दिन जमकर किया धमाल
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:29 AM IST
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वाराणसी। काशीयात्रा के अंतिम दिन देश भर से आए इंजीनियरिंग के छात्रों पर मस्ती का भरपूर रंग चढ़ा। मानो हर कोई बेताब था उन पलों को जी लेने के लिए। उन्हें यादगार बना कर संजो लेने के लिए। समूह नृत्य की प्रतियोगिता में मंच पर जहां बालीवुड के एक से बढ़कर एक गीतों पर टीम के साथ भावी इंजीनियराें ने ठुमके लगाए वहीं, स्वतंत्रता भवन में आयोजित गायन प्रतियोगिता सनलायन में सुरों का जादू बिखेरकर सभी को अपना मुरीद बना लिया। इसके अलावा गिटार, ड्रम, तबले पर अलग-अलग धुन बजाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। उधर, म्यूजिकल नाइट में जाने माने म्यूजिक कंपोजर अमित त्रिवेदी ने उड़ता पंजाब, फितूर, डेवडी आदि फिल्मों के गीतों को गाकर सभी का दिल लूट लिया।
अंतिम दिन के सफर की शुरुआत रंगमंच के साथ हुई। इसमें मंच पर थिएटर की प्रस्तुतियों से प्रतिभागियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिर स्वतंत्रता भवन सभागार में सनलायन गायन प्रतियोगिता में बीएचयू, आईआईटी बीएचयू, काशी विद्यापीठ, सेंट जांस सहित अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपने सुरों का जादू बिखेरा तो दर्शकों ने भी ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उधर, राजपुताना ग्राउंड पर समूह नृत्य प्रतियोगिता के फाइनल में बनारस से आईआईटी बीएचयू, बीएचयू मंच कला संकाय, दिल्ली, एमिटी विवि नोएडा, सुल्तानपुर आदि जगहों से आए प्रतिभागियों ने जब मंच पर चढ़कर ठुमके लगाने शुरू किए तो दर्शक दांतों तले उंगली दबा लिए। टीम की प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे ये इंजीनियरिंग छात्र नहीं बल्कि प्रोफेशनल कलाकार हों। रंग चढ़ा है, रंग चढ़ेगा, बैंड बजा है-बैंड बजेगा, पल्लो लटके रे मारो पल्लो लटके, डोला रे डोला रे-डोला -दिल डोला, हा अंटे अमला पुरम----हा अंटे आहापुरम जैसे गीतों पर प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान सांस्कृतिक परिषद के चेयरमैन डॉ. केके सिंह के निर्देशन में संयोजक के कल्याण रेड्डी, सह संयोजक सागर जैन, प्रणुपाला कुर्ती, सचिव आशुतोष पी पांडेय, हर्षित चौधरी, भरत जैन, जयंत चौहान, अनुराग निधि, आदित्यमान, गौरव बराक, कल्पेश बंसल, अरुण सुरी, सनप्रीत नयन आदि मौजूद रहे।
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अंतिम दिन के सफर की शुरुआत रंगमंच के साथ हुई। इसमें मंच पर थिएटर की प्रस्तुतियों से प्रतिभागियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिर स्वतंत्रता भवन सभागार में सनलायन गायन प्रतियोगिता में बीएचयू, आईआईटी बीएचयू, काशी विद्यापीठ, सेंट जांस सहित अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपने सुरों का जादू बिखेरा तो दर्शकों ने भी ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उधर, राजपुताना ग्राउंड पर समूह नृत्य प्रतियोगिता के फाइनल में बनारस से आईआईटी बीएचयू, बीएचयू मंच कला संकाय, दिल्ली, एमिटी विवि नोएडा, सुल्तानपुर आदि जगहों से आए प्रतिभागियों ने जब मंच पर चढ़कर ठुमके लगाने शुरू किए तो दर्शक दांतों तले उंगली दबा लिए। टीम की प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे ये इंजीनियरिंग छात्र नहीं बल्कि प्रोफेशनल कलाकार हों। रंग चढ़ा है, रंग चढ़ेगा, बैंड बजा है-बैंड बजेगा, पल्लो लटके रे मारो पल्लो लटके, डोला रे डोला रे-डोला -दिल डोला, हा अंटे अमला पुरम----हा अंटे आहापुरम जैसे गीतों पर प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान सांस्कृतिक परिषद के चेयरमैन डॉ. केके सिंह के निर्देशन में संयोजक के कल्याण रेड्डी, सह संयोजक सागर जैन, प्रणुपाला कुर्ती, सचिव आशुतोष पी पांडेय, हर्षित चौधरी, भरत जैन, जयंत चौहान, अनुराग निधि, आदित्यमान, गौरव बराक, कल्पेश बंसल, अरुण सुरी, सनप्रीत नयन आदि मौजूद रहे।
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