{"_id":"5967dcce4f1c1b80328b4859","slug":"81499978958-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीला स्थल से कब्जा हटाने के लिए लगाए लाल निशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीला स्थल से कब्जा हटाने के लिए लगाए लाल निशान
Updated Fri, 14 Jul 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। नगर निगम और राजस्व विभाग की बेपरवाही से श्री नदेसर रामलीला स्थल पर हुए अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। एसएसपी के निर्देश पर एंटी भू माफिया स्कवाड ने जांच शुरू कर दी है। इस बीच समिति के पदाधिकारियों ने 16 सितंबर से रामलीला कराने का फैसला लेते हुए पात्रों का चयन शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने रामलीला स्थल पर कब्जे संबंधी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की थी। बाद में मामला प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया था।
श्री नदेसर रामलीला समिति स्थल पर लंबे समय से छोटी-मोटी गुमटी रखने और कुछ पक्का निर्माण होने से रामलीला कराने में मुश्किल हो रही थी। समिति के पदाधिकारियों ने पहले इसकी शिकायत एडीजी एलओ से लेकर डीएम से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पदाधिकारियों ने इस शिकायत को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के गोरखपुर स्थित शिविर कार्यालय तक पहुंचाया। पीएमओ ने इसका संज्ञान लेकर 23 मई को जांच के लिए प्रदेश सरकार को लिखा। प्रदेश सरकार ने मामले को ऑनलाइन करते हुए सचिवालय के अधिकारी कल्याण बनर्जी को जिम्मेदारी सौंपी।
11 जुलाई को समिति के महामंत्री रवि पाठक के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने आईजी-एसएसपी से मुलाकात की थी। एसएसपी ने एंटी भू माफिया स्क्वाड से जांच कराने का आश्वासन दिया था। बुधवार को जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई एक महिला अधिकारी से अवैध कब्जेदारों की नोंकझोंक भी हुई। जांच अधिकारी ने पाठक और प्रबंधक विजय कुमार यादव से बातचीत कर पहले जानकारी ली और फिर कब्जा स्थल पर लाल निशान लगाया।
विज्ञापन
समिति के सदस्य नंदलाल यादव के आवास पर हुई बैठक में 16 सितंबर से रामलीला कराने का फैसला लिया गया। इस बार यहां सोनभद्र के कलाकार रामलीला करेंगे।
विज्ञापन
श्री नदेसर रामलीला समिति स्थल पर लंबे समय से छोटी-मोटी गुमटी रखने और कुछ पक्का निर्माण होने से रामलीला कराने में मुश्किल हो रही थी। समिति के पदाधिकारियों ने पहले इसकी शिकायत एडीजी एलओ से लेकर डीएम से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पदाधिकारियों ने इस शिकायत को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के गोरखपुर स्थित शिविर कार्यालय तक पहुंचाया। पीएमओ ने इसका संज्ञान लेकर 23 मई को जांच के लिए प्रदेश सरकार को लिखा। प्रदेश सरकार ने मामले को ऑनलाइन करते हुए सचिवालय के अधिकारी कल्याण बनर्जी को जिम्मेदारी सौंपी।
विज्ञापन
11 जुलाई को समिति के महामंत्री रवि पाठक के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने आईजी-एसएसपी से मुलाकात की थी। एसएसपी ने एंटी भू माफिया स्क्वाड से जांच कराने का आश्वासन दिया था। बुधवार को जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई एक महिला अधिकारी से अवैध कब्जेदारों की नोंकझोंक भी हुई। जांच अधिकारी ने पाठक और प्रबंधक विजय कुमार यादव से बातचीत कर पहले जानकारी ली और फिर कब्जा स्थल पर लाल निशान लगाया।
विज्ञापन
समिति के सदस्य नंदलाल यादव के आवास पर हुई बैठक में 16 सितंबर से रामलीला कराने का फैसला लिया गया। इस बार यहां सोनभद्र के कलाकार रामलीला करेंगे।