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अग्रसेन कॉलेज की आठ हजार छात्राओं को मिलेगी डिग्री
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की आठ हजार छात्राओं की डिग्रियां मिलने का रास्ता साफ हो गया है। चार साल से कॉलेज की स्वायत्तता विस्तारण पर फैसला न होने के कारण महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने डिग्री रोकने का निर्णय लिया था। छह अगस्त को यूजीसी की ओर से कुलपति को भेजे पत्र में स्वायतत्ता विस्तार होने तक कॉलेज की स्वायत्ता जारी रखने की बात कही गई है।
अग्रसेन कॉलेज की ओर से बुलानाला और परमानंदपुर परिसर में स्नातक, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में हर साल करीब तीन हजार छात्राओं का दाखिला होता है। स्नातक-स्नातकोत्तर कर हर साल औसतन दो हजार छात्राएं पास होकर निकलती हैैं। स्वायतशासी कॉलेज होने की वजह से प्रवेश और परीक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होती है लेकिन डिग्री काशी विद्यापीठ देता है।
2013 तक कॉलेज की स्वायतत्ता होने की वजह से कुछ परेशानी नहीं हुई लेकिन विस्तारण पर फैसला न होने से विश्वविद्यालय ने सत्र 2014-15 से 2017-18 तक के बीच पास होने वाली छात्राओं की डिग्री देने से मना कर दिया था। अमर उजाला ने अपने 12 जुलाई के अंक में छात्राओं की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय और यूजीसी तक कार्रवाई शुरू हुई। लिहाजा छह अगस्त को यूजीसी के संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह ने कुलपति को भेजे पत्र में स्वायत्तता विस्तार होने तक कॉलेज की स्वायत्तता जारी होने और इस आदेश के अनुपालन में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। इसकी कॉपी कुलसचिव और कॉलेज के प्राचार्य को भी भेजी गई है।
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अग्रसेन कॉलेज की ओर से बुलानाला और परमानंदपुर परिसर में स्नातक, स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में हर साल करीब तीन हजार छात्राओं का दाखिला होता है। स्नातक-स्नातकोत्तर कर हर साल औसतन दो हजार छात्राएं पास होकर निकलती हैैं। स्वायतशासी कॉलेज होने की वजह से प्रवेश और परीक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होती है लेकिन डिग्री काशी विद्यापीठ देता है।
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2013 तक कॉलेज की स्वायतत्ता होने की वजह से कुछ परेशानी नहीं हुई लेकिन विस्तारण पर फैसला न होने से विश्वविद्यालय ने सत्र 2014-15 से 2017-18 तक के बीच पास होने वाली छात्राओं की डिग्री देने से मना कर दिया था। अमर उजाला ने अपने 12 जुलाई के अंक में छात्राओं की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय और यूजीसी तक कार्रवाई शुरू हुई। लिहाजा छह अगस्त को यूजीसी के संयुक्त सचिव सुरेंद्र सिंह ने कुलपति को भेजे पत्र में स्वायत्तता विस्तार होने तक कॉलेज की स्वायत्तता जारी होने और इस आदेश के अनुपालन में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। इसकी कॉपी कुलसचिव और कॉलेज के प्राचार्य को भी भेजी गई है।
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