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नियमों को ताक पर रख खोले जा रहे शराब ठेके0
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। नई आबकारी नीति के तहत आवंटित दुकानें नियमों को ताक पर खोली जा रही हैं। रिहायशी इलाकों में लगातार शराब के ठेके खुल रहे हैं और जनता के बीच इसका जबरदस्त विरोध भी हो रहा है।
मगर, नियम कायदों और विवादों के बाद भी प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं हैं। जबकि आबकारी नीति में यह साफ है कि लोगों की सहमति के बिना उस क्षेत्र में ठेके नहीं खोले जा सकते। मंदिर, मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल, स्कूल और आवासीय इलाके के 50 मीटर के दायरे पर शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती।
पिछले दिनों से चोलापुर, पहडि़या, जंसा, हरहुआ में रिहायशी इलाकों में शराब के ठेके खुलने का विरोध किया जा रहा है। नियमानुसार शराब की दुकान आवंटन के बाद आवंटी दुकान दिखाता है। इसकी रिपोर्ट आबकारी इंस्पेक्टर देता है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी जाती है। शराब की दुकान खुलने के बाद आबकारी विभाग कुछ नहीं कर सकता है, कारण दुकानों की शिफ्टिंग शासन स्तर से होती है।
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मगर, नियम कायदों और विवादों के बाद भी प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं हैं। जबकि आबकारी नीति में यह साफ है कि लोगों की सहमति के बिना उस क्षेत्र में ठेके नहीं खोले जा सकते। मंदिर, मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल, स्कूल और आवासीय इलाके के 50 मीटर के दायरे पर शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती।
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पिछले दिनों से चोलापुर, पहडि़या, जंसा, हरहुआ में रिहायशी इलाकों में शराब के ठेके खुलने का विरोध किया जा रहा है। नियमानुसार शराब की दुकान आवंटन के बाद आवंटी दुकान दिखाता है। इसकी रिपोर्ट आबकारी इंस्पेक्टर देता है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी जाती है। शराब की दुकान खुलने के बाद आबकारी विभाग कुछ नहीं कर सकता है, कारण दुकानों की शिफ्टिंग शासन स्तर से होती है।
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