{"_id":"59b825c64f1c1bf37f8b65f0","slug":"71505240518-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृत्यु की इजाजत मांगी-MAU","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मृत्यु की इजाजत मांगी-MAU
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिला अस्पताल के सामने प्राचीन गो पोखरा पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश की अवमानना होने से पूर्व सभासद छोटेलाल गांधी व्यथित हैं। छोटेलाल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर 14 सितंबर को दिन के 12 बजे मृत्यु की इजाजत मांगी है।
राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है कि जिला अस्पताल के सामने प्राचीन गो पोखरा दो एकड़ 340 एकड़ में फैला है। काम के बदले अनाज योजना के तहत वर्ष 1977-78 मेें इमिलिया ग्राम के प्रधान स्व. बालकरन यादव ने खुुदाई कराकर पोखरे का सुंदरीकरण कराया था। जिला प्रशासन और उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी पोखरे पर अतिक्रमण हो रहा है। इससे पोखरे के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति को भेजे पत्र में कहा है कि जिला अस्पताल के सामने प्राचीन गो पोखरा दो एकड़ 340 एकड़ में फैला है। काम के बदले अनाज योजना के तहत वर्ष 1977-78 मेें इमिलिया ग्राम के प्रधान स्व. बालकरन यादव ने खुुदाई कराकर पोखरे का सुंदरीकरण कराया था। जिला प्रशासन और उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी पोखरे पर अतिक्रमण हो रहा है। इससे पोखरे के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है।
विज्ञापन