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जिसने लगाई झूठी रिपोर्ट वही बन गया जांच अधिकारी
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:15 AM IST
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सेवापुरी। कपसेठी थाना क्षेत्र के पूरे बरियार गाँव में विरोधियों के दबाव में लेखपाल और कानूनगो ने उषा पटेल की निजी जमीन पर रास्ता बता कर झूठी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दिया था। इस मामले में पीड़िता ने सीएम को पत्र भेज कर मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की थी। सीएम के आदेश पर डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एसडीएम राजातालाब ईशा दुहन को जांच का जिम्मा सौंप दिया। किन्तु एसडीएम ने जांच भी उन्हीं आरोपियों को दी जिसने पूर्व में उन्हें झूठी रिपोर्ट दिया था।
आश्चर्य तो यह है कि लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार ने एक ही दिन में अभिलेखीय व स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेज कर प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया। फिर भी पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला। इस मामले में पीड़िता ने फिर आपत्ति दर्शाते हुए शासन को पत्र लिखा है। पूरे बरियार गाँव में राजस्व विभाग ने रामनरेश पटेल को 2001 में आराजी नंबर 280, रकबा 02 डिसमिल जमीन का आवंटन किया गया था। उस जमीन व पीड़िता की सहन आबादी के मध्य है। उसे पड़ोसी राम निहोर पटेल व पतिराज पटेल ने राजस्व विभाग ने दबाव बनाकर लेखपाल और कानूनगो ने अपनी रिपोर्ट में फर्जी तरीके से रास्ता अंकित कर दिया और इसकी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी। जबकि खतौनी, खसरा के साथ नक्शा में रास्ता दर्ज ही नही है। आवंटी रामनरेश पटेल की बहू ऊषा पटेल ने सीएम को आठ जुलाई को पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की थी। जिस पत्र के निस्तारण के लिए शासन ने डीएम को आदेशित किया। डीएम ने 23 अगस्त को एसडीएम को पत्र भेजा। इसी आदेश पर 24 अगस्त को राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट लगा कर शासन को भेज दी। राजातालाब की एसडीएम ईशा दुहन का कहना है कि समाधान दिवस पर पीड़िता की बात सुनी जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
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आश्चर्य तो यह है कि लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार ने एक ही दिन में अभिलेखीय व स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेज कर प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया। फिर भी पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला। इस मामले में पीड़िता ने फिर आपत्ति दर्शाते हुए शासन को पत्र लिखा है। पूरे बरियार गाँव में राजस्व विभाग ने रामनरेश पटेल को 2001 में आराजी नंबर 280, रकबा 02 डिसमिल जमीन का आवंटन किया गया था। उस जमीन व पीड़िता की सहन आबादी के मध्य है। उसे पड़ोसी राम निहोर पटेल व पतिराज पटेल ने राजस्व विभाग ने दबाव बनाकर लेखपाल और कानूनगो ने अपनी रिपोर्ट में फर्जी तरीके से रास्ता अंकित कर दिया और इसकी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी। जबकि खतौनी, खसरा के साथ नक्शा में रास्ता दर्ज ही नही है। आवंटी रामनरेश पटेल की बहू ऊषा पटेल ने सीएम को आठ जुलाई को पत्र भेज कर कार्रवाई की मांग की थी। जिस पत्र के निस्तारण के लिए शासन ने डीएम को आदेशित किया। डीएम ने 23 अगस्त को एसडीएम को पत्र भेजा। इसी आदेश पर 24 अगस्त को राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट लगा कर शासन को भेज दी। राजातालाब की एसडीएम ईशा दुहन का कहना है कि समाधान दिवस पर पीड़िता की बात सुनी जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
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