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अगली पीढ़ी के लिए फिक्रमंद, आधी आबादी का छुआ अंतर्मन
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पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आधी आबादी से सीधा संवाद किया। दीनदयाल हस्तकला संकुल के आडिटोरियम में 35 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने जहां एक ओर बच्चों के लालन-पालन और उनकी पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बताया, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए संपत्ति में बराबरी का हिस्सा, खनन व रेल परिवहन के क्षेत्र में नए अवसर, सैन्य क्षेत्र में स्थायी कमीशन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के नए माध्यमों की वकालत कर सभास्थल पर मौजूद महिलाओं के अंतर्मन को छूने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री को लेकर नारी शक्ति के बीच कुछ इस कदर का उत्साह रहा कि उनकी एक-एक बात पर मोदी-मोदी के नारे लगते रहे।
प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुक्रवार को देश के 75 हजार स्थानों पर एकत्र 65 लाख महिलाओं से रूबरू थे। नारी शक्ति को प्रधानमंत्री ने बताया कि बच्चों के पालन-पोषण मेें समस्या न आए इसके लिए उनकी सरकार ने छह महीने के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था की है। कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए सरकारी दफ्तरों में क्रेच की व्यवस्था की गई है। बच्चों को रात में पढ़ने में दिक्कत न आए इसके लिए सोलर लैंप की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले मकान की रजिस्ट्री में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
बताया कि देश में 15 करोड़ मुद्रा लोन बांटा गया तो उसमें 11 करोड़ सिर्फ महिलाओं को मिला। महिलाओं के 50 लाख स्वयं सहायता समूहों पर सालाना 44 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सहकारिता के क्षेत्र में और कौशल विकास मिशन के तहत 40 लाख से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षित हुईं। दुष्कर्म जैसे अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री का संबोधन खत्म हुआ तो वीआईपी दीर्घा के पीछे कुर्सियों से उठ कर खड़ी हुई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का कहना था कि आज का दिन याद रहेगा। बहुत सम्मान मिला, मोदी जी और उनकी बातें हमेशा याद रहेंगी।
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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आधी आबादी से सीधा संवाद किया। दीनदयाल हस्तकला संकुल के आडिटोरियम में 35 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने जहां एक ओर बच्चों के लालन-पालन और उनकी पढ़ाई के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बताया, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए संपत्ति में बराबरी का हिस्सा, खनन व रेल परिवहन के क्षेत्र में नए अवसर, सैन्य क्षेत्र में स्थायी कमीशन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के नए माध्यमों की वकालत कर सभास्थल पर मौजूद महिलाओं के अंतर्मन को छूने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री को लेकर नारी शक्ति के बीच कुछ इस कदर का उत्साह रहा कि उनकी एक-एक बात पर मोदी-मोदी के नारे लगते रहे।
प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शुक्रवार को देश के 75 हजार स्थानों पर एकत्र 65 लाख महिलाओं से रूबरू थे। नारी शक्ति को प्रधानमंत्री ने बताया कि बच्चों के पालन-पोषण मेें समस्या न आए इसके लिए उनकी सरकार ने छह महीने के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था की है। कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए सरकारी दफ्तरों में क्रेच की व्यवस्था की गई है। बच्चों को रात में पढ़ने में दिक्कत न आए इसके लिए सोलर लैंप की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले मकान की रजिस्ट्री में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
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बताया कि देश में 15 करोड़ मुद्रा लोन बांटा गया तो उसमें 11 करोड़ सिर्फ महिलाओं को मिला। महिलाओं के 50 लाख स्वयं सहायता समूहों पर सालाना 44 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सहकारिता के क्षेत्र में और कौशल विकास मिशन के तहत 40 लाख से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षित हुईं। दुष्कर्म जैसे अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री का संबोधन खत्म हुआ तो वीआईपी दीर्घा के पीछे कुर्सियों से उठ कर खड़ी हुई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का कहना था कि आज का दिन याद रहेगा। बहुत सम्मान मिला, मोदी जी और उनकी बातें हमेशा याद रहेंगी।
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