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मंडलीय अस्पताल में दवाओं का संकट
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:03 AM IST
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वाराणसी। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में दवाओं का संकट दूर नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में आंख के मरीजों के लिए आईड्राप, पेट संबंधी बीमारी के साथ ही मधुमेह रोगियों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं, इससे उन्हें मजबूर होकर बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। दवा कंपनियों की ओर से समय से दवा न दिए जाने की वजह से यह समस्या आई है।
बदलते मौसम के साथ ही अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहीं वजह है कि पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद जब मरीज दवा लेने काउंटर पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
नियमानुसार सरकार की ओर से दवा कंपनियों की सूची तैयार कर अस्पतालों को भेजा जाता है और इन्हीं कंपनियों से दवाएं मंगाई जाती हैं, लेकिन कंपनियों की ओर से दवा नहीं दी जा रही है। सूत्रों की माने तो जीएसटी बढ़ने की वजह से ही ऐसा कदम उठाया गया है और फिलहाल दिसंबर महीने तक यह समस्या बनी रहेगी। इस बारे में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि 237 दवाओं के सापेक्ष इस समय 179 दवाएं अस्पताल में हैं। इसके अलावा 144 दवाओं के लिए संबंधित कंपनी को आर्डर भेजे जाने के साथ ही अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
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बदलते मौसम के साथ ही अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहीं वजह है कि पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के बाद जब मरीज दवा लेने काउंटर पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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नियमानुसार सरकार की ओर से दवा कंपनियों की सूची तैयार कर अस्पतालों को भेजा जाता है और इन्हीं कंपनियों से दवाएं मंगाई जाती हैं, लेकिन कंपनियों की ओर से दवा नहीं दी जा रही है। सूत्रों की माने तो जीएसटी बढ़ने की वजह से ही ऐसा कदम उठाया गया है और फिलहाल दिसंबर महीने तक यह समस्या बनी रहेगी। इस बारे में प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि 237 दवाओं के सापेक्ष इस समय 179 दवाएं अस्पताल में हैं। इसके अलावा 144 दवाओं के लिए संबंधित कंपनी को आर्डर भेजे जाने के साथ ही अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
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