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जल्द साकार लेगा कान्हा उपवन
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:55 AM IST
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वाराणसी। शहर में घुमंतू पशुओं को रखने की समस्या से जूझ रहे नगर निगम को शूलटंकेश्वर के पास छितौती में जमीन मिल गई है। इसके लिए शासन से पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। एक करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। अब नगर निगम यहां कान्हा उपवन (पशु आश्रय) बनाने का काम जल्द शुरू करेगा।
नगर निगम के पास दो कांजी हाउस नक्खीघाट और अर्दली बाजार में हैं। इनमें जगह बहुत कम है। इस कारण कम पशु ही यहां आ पाते हैं। पशुओं की संख्या अधिक होने पर नगर निगम इन्हें पकड़ता ही नहीं। इससे शहर की तंग गलियों से लेकर सड़कों तक पशु टहलते रहते हैं। इससे सैलानियों और दर्शनार्थियों को दिक्कत होती है। ऐसे पशुओं को रखने के लिए नगर निगम काफी समय से जमीन की तलाश कर रहा था।
पिछली सपा सरकार में जमीन और धन के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। शूलटंकेश्वर के पास छितौनी में 10 एकड़ जमीन की तलाश कर नगर निगम पैमाइश करा चुका है। इसके लिए शासन से एक करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि जल्द बाउंड्री का काम शुरू होगा। इसकी क्षमता दो हजार पशुओं के रखने की होगी। इससे घुमंतू पशुओं को पकड़ने के बाद रखने में आसानी होगी।
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नगर निगम के पास दो कांजी हाउस नक्खीघाट और अर्दली बाजार में हैं। इनमें जगह बहुत कम है। इस कारण कम पशु ही यहां आ पाते हैं। पशुओं की संख्या अधिक होने पर नगर निगम इन्हें पकड़ता ही नहीं। इससे शहर की तंग गलियों से लेकर सड़कों तक पशु टहलते रहते हैं। इससे सैलानियों और दर्शनार्थियों को दिक्कत होती है। ऐसे पशुओं को रखने के लिए नगर निगम काफी समय से जमीन की तलाश कर रहा था।
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पिछली सपा सरकार में जमीन और धन के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। शूलटंकेश्वर के पास छितौनी में 10 एकड़ जमीन की तलाश कर नगर निगम पैमाइश करा चुका है। इसके लिए शासन से एक करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। तहसीलदार अविनाश कुमार का कहना है कि जल्द बाउंड्री का काम शुरू होगा। इसकी क्षमता दो हजार पशुओं के रखने की होगी। इससे घुमंतू पशुओं को पकड़ने के बाद रखने में आसानी होगी।
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