Year Ender 2023: धर्म का यंगिस्तान बना बाबा का दरबार, एक साल में 5.72 करोड़ श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
विश्वनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने दिल खोलकर दान दिया है। सावन के 59 दिनों में शिवभक्तों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 16.89 करोड़ा रुपये का दान दिया। इसमें नगद के साथ सोना और चांदी भी है। साल 2022 में सावन में 3.40 करोड़ रुपये बाबा को दान में मिले थे। साल 2023 में यह आंकड़ा 16.89 करोड़ तक पहुंच गया।
विस्तार
बाबा विश्वनाथ का धाम रोज नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। दान हो चाहे भक्तों की संख्या सब करोड़ों में। सबसे सुखद ये कि बाबा के धाम में आने वाले भक्तों में युवाओं की संख्या 40 फीसदी से अधिक है और ये संख्या साल दर साल बढ़ती ही जा रही है। वर्तमान साल में 5.72 करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए तो इसमें युवा श्रद्धालुओं की संख्या 2.29 करोड़ रही।
मंदिर प्रशासन की ओर से जो जारी आंकड़ों के अनुसार, एक साल में पांच करोड़ 72 लाख 80 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। पीएम नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया था। इसके बाद दो साल में श्रद्धालुओं की संख्या लाख से करोड़ तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाबा के दरबार में 109 बार से अधिक हाजिरी लगा चुके हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि धाम के लोकार्पण यानी 13 दिसंबर 2021 से 26 दिसंबर 2023 तक 13,32,69,700 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
सावन में एक करोड़ से अधिक भक्तों ने लगाई हाजिरी
सावन इस बार दो महीने का था। जुलाई में 72.02 लाख और अगस्त में 95.62 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। दो महीने में यह संख्या 1.67 करोड़ रही। वहीं, 2022 में सावन के महीने में 76.81 लाख लोगों ने बाबा के दरबार में मत्था टेका।
लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
- 13 दिसंबर 2021 से दिसंबर 2021 तक--- 48,42,700 दर्शनार्थी
- जनवरी 2022 से दिसंबर 2022 तक -7,11, 47,000दर्शनार्थी
- जनवरी 2023 से 26 दिसंबर 2023 -5, 72, 80,000 दर्शनार्थी
- कुल 13 करोड़ 32 लाख 69 हजार 700 दर्शनार्थी
59 दिनों में 16.89 करोड़ का दान
विश्वनाथ मंदिर में शिवभक्तों ने दिल खोलकर दान दिया है। सावन के 59 दिनों में शिवभक्तों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 16.89 करोड़ा रुपये का दान दिया। इसमें नगद के साथ सोना और चांदी भी है। साल 2022 में सावन में 3.40 करोड़ रुपये बाबा को दान में मिले थे। साल 2023 में यह आंकड़ा 16.89 करोड़ तक पहुंच गया।
दो साल में 16 हजार विदेशी श्रद्धालु पहुंचे बाबा दरबार
दो साल में बाबा के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 12 करोड़ से अधिक रही। इसमें विदेशी भक्तों की संख्या सबसे अधिक रही। लगभग 16 हजार विदेशी श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर पर मत्था टेका। श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद लगभग 15930 से अधिक विदेशी भक्तों ने काशी विश्वनाथ धाम दर्शन के लिए बुकिंग कराई थी। पिछले साल 2022 की तुलना में इस साल इनकी बुकिंग लगभग दोगुने से अधिक है।
धाम में विदेशी भक्तों की उपस्थिति
दिसंबर 2021-- 40
1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 - 4540
1 जनवरी 2023 से 6 दिसंबर 2023 -11350
क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
काशी विश्वनाथ धाम देशभर के मंदिरों के लिए नजीर बनेगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल करने की तैयारी है। आरती के टिकट, दर्शन और दान की प्रक्रिया फिलहाल ऑनलाइन व ऑफलाइन की जा रही है। नए साल में यात्री सुविधाओं को पूरी तरह से डिजिटल करने की कार्ययोजना मंदिर प्रशासन ने तैयार कर ली है। धाम में आने वाले श्रद्धालु मोबाइल के जरिए ही टिकट बुकिंग के साथ ही लाइव दर्शन भी कर सकेंगे। मंदिर में भवनों के बाहर क्यूआर कोड के जरिये जानकारियां उपलब्ध होंगी। कोड को स्कैन करते ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। नए साल में धाम क्षेत्र की सभी दुकानों का संचालन भी शुरू होने की संभावना है।
मंगला आरती का टिकट पूरी तरह ऑनलाइन
मंदिर की व्यवस्थाओं को डिजिटल करने की पहल मंगला आरती की टिकट बुकिंग से शुरू हो चुकी है। मंदिर प्रशासन ने मंगला आरती के टिकट की बुकिंग को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। धाम में आने वाले श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट और एप से ही इसकी बुकिंग करा सकते हैं।
मंदिर के एप से मिलेगा लाइव दर्शन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के एप पर मंदिर से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध हैं। टिकटों की बुकिंग के साथ ही श्रद्धालु दान भी ऑनलाइन कर सकेंगे। साथ ही घर बैठे बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन भी कर सकेंगे। लाइव आरती के साथ ही गर्भगृह का दर्शन भी उपलब्ध है।