फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   45 policemen transferred in Varanasi Action taken after fight between two constables

वाराणसी में 45 पुलिसकर्मियों का तबादला: दो सिपाहियों में मारपीट के बाद एक्शन, पांच साल से तैनात थे 15 कर्मी

Tue, 02 Sep 2025 05:41 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 02 Sep 2025 05:41 AM IST
सार

वाराणसी के लंका थाने में पांच साल से तैनात 15 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। तीन पुलिकर्मियों में मारपीट के बाद 45 लोगों को तबादला करने की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।

विज्ञापन
45 policemen transferred in Varanasi Action taken after fight between two constables
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Varanasi News: लंका थाना परिसर में पिछले हफ्ते कारखास मनोज सिंह, मुंशी भानु प्रताप सिंह और कांस्टेबल दुर्गेश सरोज के बीच मारपीट के बाद डीसीपी काशी ने 45 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया। 15 पुलिसकर्मी ऐसे थे जो पांच साल से लंका थाने में तैनात थे। 

विज्ञापन


बीएचयू, नगवा, रमना, संकटमोचन पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि भेलूपुर एसीपी गौरव कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर विभिन्न थानों में किया गया है। 
विज्ञापन


बुधवार रात में लंका थाने के कार्यालय के पीछे बने कमरे में मनोज सिंह, भानु प्रताप सिंह, दुर्गेश सरोज के बीच मारपीट हुई थी। मनोज सिंह ने लंका थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। तीनों पुलिस कर्मियों को भी डीसीपी काशी ने निलंबित कर दिया था। साथ ही लंका थाने पर लंबे समय से तैनात सिपाही, दीवान की रिपोर्ट एसीपी भेलूपुर से मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

राहुल गांधी के मामले में अब सुनवाई तीन को

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को अमेरिका में सिखों पर कथित टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की ओर से दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण अर्जी पर सुनवाई टालते हुए तीन सितंबर की तिथि नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दिया।

मामला सितंबर 2024 का है। आरोप है कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान सिखों पर एक बयान दिया था जिसे भड़काऊ और समाज में विभाजनकारी बताते हुए विरोध हुआ था। वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने उनके खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन सफलता न मिलने पर अदालत का रुख किया।

वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया था कि मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की जिसे 21 जुलाई 2025 को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत ने स्वीकार कर लिया था।

अब इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। दलील दी है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर है। लिहाजा जब तक यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब वाराणसी अदालत के आदेश पर रोक लगाई जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed