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वाराणसी: 434 किसानों ने लौटाई पीएम सम्मान निधि की किस्त, पिछले साल 4170 को भेजी कई थी नोटिस

Fri, 22 Apr 2022 04:06 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 22 Apr 2022 04:06 PM IST
सार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने वाले 3736 अपात्र किसानों के खिलाफ कृषि विभाग की ओर से जल्द ही बैंक के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 434 अपात्र किसानों से 39 लाख 55 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। 
 

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434 farmers returned installment of PM Samman Nidhi in varanasi many notices were sent to 4170 last year
money new - फोटो : istock

विस्तार

 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने वाले 434 अपात्र किसानों से 39 लाख 55 हजार रुपये वसूली की गई है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से 4170 किसानों को नोटिस भेजा गया था। इतने किसानों से वसूली के बाद 3736 अपात्र किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक धनराशि नहीं लौटाई है।

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उप कृषि निदेशक अखिलेश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ लेने वाले अपात्र किसानों को सरकारी खाते में प्राप्त तीन से छह किस्तों की राशि को वापस करने के लिए पिछले साल नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई थी। इसके बाद अभी तक जिले सिर्फ 434 अपात्र किसानों ने किस्तों को सरकारी कोष और चालान के माध्यम से वापस किया है।
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इसमें भारत कोष में 44 किसानों ने तीन लाख 92 हजार रुपये, कोषागार में चालान के माध्यम से 47 किसानों ने चार लाख दो हजार रुपये और कृषि निदेशालय की ओर से जारी बैंक खाते में 343 किसानों ने 31 लाख 61 हजार रुपये वापस किया है। अन्य किसानों को भी जल्द जमा करने की अपील नोटिस में की गई है। इसके बाद बैंक की ओर से कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी। 

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किसानों का 1012 समूह करेगा जैविक खेती  

जैविक खेती के लिए जिले में 36309 किसानों का 1012 समूह तैयार किया गया। एक समूह (कलस्टर) के किसान 20 हेक्टेयर भूमि में मिलकर रसायन मुक्त खेती करने में जुट गए हैं। कृषि विभाग और सात निजी एजेंसी की ओर से परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में 1122 कलस्टर तैयार करने का लक्ष्य था। जिसमें 1012 को तैयार कर लिया गया। एक कलस्टर के निर्माण और प्रशिक्षण एक लाख 90 हजार रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ) के माध्यम से दिया जाता है। 

उप निदेशक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि बीते तीन साल से नमामि गंगे परियोजना के परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में 1122 कलस्टर तैयार करने का लक्ष्य था। रसायन मुक्त खेती के लिए एक कलस्टर 20 हेक्टेयर का है। इसमें एक एकड़ से एक बिस्वा तक के किसान शामिल हो सकते हैं। 


इसके लिए सात एजेंसियों को नामित किया गया था। इनके माध्यम से अब तक 1012 कलस्टर तैयार किया गया। जिसमें 36309 किसान शामिल हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक कलस्टर को डीबीटी के माध्यम में एक लाख 90 हजार की आर्थिक मदद की जाती है। इससे किसान स्प्रे मशीन, ड्रम जैसे जरूरी चीजें खरीदते हैं। 

योजना के तहत सर्वाधिक कलस्टर बड़ागाव में 194, सेवापुरी में 165, चिरईगांव में 164, चोलापुर में 151, पिंडरा में 145, आराजीलाइन में 130, हरहुआ में 115 और काशी विद्यापीठ में 48 कलस्टर का निर्माण कराया जा चुका है। 

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