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क्रूज और जलपोतों से गंगा आरती देख सकेंगे प्रवासी
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय क्रूज व जलपोतों से काशी की भव्य गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। अतिथियों के लिए नाव व बजड़ों को सजाने, संवारने के साथ ही क्रूज और जलपोत भी गंगा में उतारने की तैयारी है। वहीं आरती से जुड़े घाट और मंच को भी आकर्षक रूप दिया जाएगा। इसे लेकर शासन, प्रशासन बृहद योजना तैयारी कर रहा है।
काशी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को यादगार बनाने में केंद्र व प्रदेश सरकार जी जान से जुटी है। यही कारण है कि सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले परंपरागत कार्यक्रमों को भी भव्यता देने की योजना बनाई जा रही है। सम्मेलन के दौरान काशी की गंगा आरती की भव्यता पूरा विश्व देखेगा, इसे देखते हुए गंगा घाटों के साथ ही गंगा पार रेती को भी सजाया जाएगा। दशाश्वमेध, शीतला घाट सहित आसपास के सभी घाटों को संवारा जाएगा। रेती पर लाइटिंग के साथ ही आतिशबाजी होगी। यही नहीं, गंगा आरती का मंच भी नए रंग में दिखेगा। प्रवासियों को घाट पर बैठाने के साथ ही नाव व बजड़ों में भी स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा आईडब्ल्यूएआई क्रूज व जलपोतों को केंद्र में रखकर इस आयोजन को और भव्य रूप देने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो कोलकाता व अन्य क्षेत्रों से इस विशेष आयोजन के लिए जलपोत व क्रूज लाए जाएंगे।
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काशी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को यादगार बनाने में केंद्र व प्रदेश सरकार जी जान से जुटी है। यही कारण है कि सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले परंपरागत कार्यक्रमों को भी भव्यता देने की योजना बनाई जा रही है। सम्मेलन के दौरान काशी की गंगा आरती की भव्यता पूरा विश्व देखेगा, इसे देखते हुए गंगा घाटों के साथ ही गंगा पार रेती को भी सजाया जाएगा। दशाश्वमेध, शीतला घाट सहित आसपास के सभी घाटों को संवारा जाएगा। रेती पर लाइटिंग के साथ ही आतिशबाजी होगी। यही नहीं, गंगा आरती का मंच भी नए रंग में दिखेगा। प्रवासियों को घाट पर बैठाने के साथ ही नाव व बजड़ों में भी स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा आईडब्ल्यूएआई क्रूज व जलपोतों को केंद्र में रखकर इस आयोजन को और भव्य रूप देने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो कोलकाता व अन्य क्षेत्रों से इस विशेष आयोजन के लिए जलपोत व क्रूज लाए जाएंगे।
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