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लगाए जा रहे कैंप ताकि योजनाओं का मिल सके लाभ
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। भविष्य निधि योजनाआें का लाभ लेना है तो जल्द से जल्द अपने आधार को पीएफ खाते से लिंक कराएं। पुराने कर्मचारी हो या फिर नए कर्मचारी सभी को आधार लिंक कराना जरूरी है। जागरूकता के अभाव में अभी तक कई कर्मचारियों ने पीएफ से आधार को लिंक नहीं कराया है। इसके चलते उनकों दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। आधार से लिंक होने पर उनको विभाग के चक्कर नही काटने पड़ेंगे। उक्त बातें रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के एडिशनल कमिश्नर (भविष्य निधि) गौतम दीक्षित ने कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर काफी गंभीर है। कर्मचारियों के हित के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत प्रदेश में सात लाख कर्मचारी पीएफ योजना से जुड़ चुके हैं। अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने के लिए जगह-जगह कैंप लगाया जा रहा है। इस योजना से वंचित कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में कैंप लगाया जा रहा है। समय-समय पर ऐसे संवाद का आयोजन होता रहा तो दिक्कतें दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कर्मचारियों के हित के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की ताकि देश में रोजगार बढ़े और उद्यमियों को भी परेशानी न हो। इस योजना के तहत नियोक्ता कर्मचारियों के भविष्य निधि में 12 प्रतिशत की दर से अंशदान देता है जिसमें 3.67 प्रतिशत कर्मचारियों का पीएफ जाता है और 8.33 प्रतिशत भारत सरकार वहन करती है। यह दायित्व सरकार तीन साल तक निभाती है। इसके बाद उद्यमियों को निभाना पड़ता है। विडंबना यह है कि इस योजना के बारे में न तो उद्यमी जानते हैं और न ही कर्मचारी। सरकार ने भविष्य निधि के नियमों में परिवर्तन किया है। अब तो पीएफ का पैसा जमा करने में भी कोई दिक्कत नहीं आती है क्योंकि सरकार ने 19 बैंकों के माध्यम से पीएफ का पैसा जमा करने की सुविधा दी है। कार्यक्रम में रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के संरक्षक आरके चौधरी ने आह्वान किया कि कर्मचारी व उद्यमी अपने-अपने दायित्वों को अच्छी तरह से निर्वहन करें।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर काफी गंभीर है। कर्मचारियों के हित के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत प्रदेश में सात लाख कर्मचारी पीएफ योजना से जुड़ चुके हैं। अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने के लिए जगह-जगह कैंप लगाया जा रहा है। इस योजना से वंचित कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में कैंप लगाया जा रहा है। समय-समय पर ऐसे संवाद का आयोजन होता रहा तो दिक्कतें दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कर्मचारियों के हित के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की ताकि देश में रोजगार बढ़े और उद्यमियों को भी परेशानी न हो। इस योजना के तहत नियोक्ता कर्मचारियों के भविष्य निधि में 12 प्रतिशत की दर से अंशदान देता है जिसमें 3.67 प्रतिशत कर्मचारियों का पीएफ जाता है और 8.33 प्रतिशत भारत सरकार वहन करती है। यह दायित्व सरकार तीन साल तक निभाती है। इसके बाद उद्यमियों को निभाना पड़ता है। विडंबना यह है कि इस योजना के बारे में न तो उद्यमी जानते हैं और न ही कर्मचारी। सरकार ने भविष्य निधि के नियमों में परिवर्तन किया है। अब तो पीएफ का पैसा जमा करने में भी कोई दिक्कत नहीं आती है क्योंकि सरकार ने 19 बैंकों के माध्यम से पीएफ का पैसा जमा करने की सुविधा दी है। कार्यक्रम में रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के संरक्षक आरके चौधरी ने आह्वान किया कि कर्मचारी व उद्यमी अपने-अपने दायित्वों को अच्छी तरह से निर्वहन करें।
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