{"_id":"5a45567e4f1c1bf61b8b5946","slug":"21514493566-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज की राह पर बढ़े मंडलीय अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज की राह पर बढ़े मंडलीय अस्पताल
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। प्रदेश के मंडलीय अस्पताल धीरे-धीरे मेडिकल कॉलेज की राह पर चल पड़े हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी और मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग मंडलीय अस्पतालों में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) की ओर से कम्युनिटी नर्सिगिं का ब्रिज कोर्स चलाएगा। चार सीटों पर डीएनबी कोर्स भी शुरू किया जा रहा है। छह माह के ब्रिज कोर्स कराने के बाद छात्रों को उन सब सेंटर पर तैनात किया जाएगा, जो चिकित्सकों के अभाव में लंबे समय से बंद पड़े हैं। इसके अलावा डीएनबी कोर्स (एमडी, एमएस के समकक्ष) पूरा करने वाले भी अस्पताल में सेवाएं देंगे।
पहले चरण में वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर और लखनऊ के दो अस्पतालों में 25-25 अभ्यर्थियों का ब्रिज कोर्स तीन जनवरी में शुरू हो रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत चलने वाले कोर्स के लिए बनारस में शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल, कबीरचौरा के लिए चयनित 25 छात्रों में से 18 ने अपनी स्वीकृति और शपथ पत्र भी दे दिया है। कोर्स के दौरान इन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी मिलेगा। तैनाती से पहले इन सभी से पांच साल तक स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर काम करने का बांड भरवाया जाएगा।
जुलाई, 2018 से शुरू होने वाला डीएनबी कोर्स तीन साल का होगा। नीट में क्वालीफाई करने वाले छात्रों को चयन के बाद इस कोर्स के लिए मंडलीय अस्पतालों में भेजा जाएगा। पढ़ाई के दौरान इन छात्रों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले चरण में वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर और लखनऊ के दो अस्पतालों में 25-25 अभ्यर्थियों का ब्रिज कोर्स तीन जनवरी में शुरू हो रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत चलने वाले कोर्स के लिए बनारस में शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल, कबीरचौरा के लिए चयनित 25 छात्रों में से 18 ने अपनी स्वीकृति और शपथ पत्र भी दे दिया है। कोर्स के दौरान इन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी मिलेगा। तैनाती से पहले इन सभी से पांच साल तक स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर काम करने का बांड भरवाया जाएगा।
विज्ञापन
जुलाई, 2018 से शुरू होने वाला डीएनबी कोर्स तीन साल का होगा। नीट में क्वालीफाई करने वाले छात्रों को चयन के बाद इस कोर्स के लिए मंडलीय अस्पतालों में भेजा जाएगा। पढ़ाई के दौरान इन छात्रों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन