{"_id":"59d2a7394f1c1b9f538b56cf","slug":"21506977593-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक चिकित्सालय में भर्ती बंदी ने फांसी लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक चिकित्सालय में भर्ती बंदी ने फांसी लगाकर जान दी
Updated Tue, 03 Oct 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कौशांबी निवासी बंदी रावेंद्र कुमार (35) ने सोमवार को बैरक नंबर तीन की बाथरूम में गमछे के फंदे से फांसी लगाकर जान दे दी। इसके पहले उसने किसी धारदार चीज से अपने हाथ की नस भी काटी थी। बाथरूम में नहाने गए अन्य बंदियों से घटना की जानकारी मिली तो मानसिक चिकित्सालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन में कैंट थाने पर सूचना दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंदी के परिवारीजनों को सूचना दे दी गई है। घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता सवालों के घेरे में है। संभावना जताई गई है कि जल्द ही घटना की शासन स्तर से जांच होगी।
कौशांबी जिले के महेबा घाट थाना के ओमरावा निवासी रामदास रैदास का बेटा रावेंद्र अपनी पत्नी की हत्या का आरोपी था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार एक माह पूर्व रावेंद्र को कौशांबी जिला जेल से उपचार के लिए मानसिक चिकित्सालय भेजा गया था। कौशांबी जेल प्रशासन ने रावेंद्र को आत्महत्या का प्रयास करने की प्रवृत्ति वाला बताया था। सोमवार की सुबह मानसिक चिकित्सालय के कर्मचारी और सुरक्षा में तैनात बंदीरक्षक गांधी जयंती की तैयारी कर रहे थे। बैरक नंबर तीन में रहने वाला रावेंद्र नाश्ता कर बाथरूम में गया और फिर नहीं लौटा। कुछ देर बाद जब दूसरे बंदी बाथरूम में गए तो देखा कि रावेंद्र बाथरूम के रोशनदान के सहारे फंदे से लटका हुआ था। फर्श पर ढेर सारा खून फैला था और रावेंद्र के हाथ से भी खून टपक रहा था। इस संबंध में अस्पताल के निदेशक डॉ. अमरेंद्र सिंह ने बताया कि रावेंद्र की मौत हुई है लेकिन कैसे हुई है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगा।
विज्ञापन
कौशांबी जिले के महेबा घाट थाना के ओमरावा निवासी रामदास रैदास का बेटा रावेंद्र अपनी पत्नी की हत्या का आरोपी था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार एक माह पूर्व रावेंद्र को कौशांबी जिला जेल से उपचार के लिए मानसिक चिकित्सालय भेजा गया था। कौशांबी जेल प्रशासन ने रावेंद्र को आत्महत्या का प्रयास करने की प्रवृत्ति वाला बताया था। सोमवार की सुबह मानसिक चिकित्सालय के कर्मचारी और सुरक्षा में तैनात बंदीरक्षक गांधी जयंती की तैयारी कर रहे थे। बैरक नंबर तीन में रहने वाला रावेंद्र नाश्ता कर बाथरूम में गया और फिर नहीं लौटा। कुछ देर बाद जब दूसरे बंदी बाथरूम में गए तो देखा कि रावेंद्र बाथरूम के रोशनदान के सहारे फंदे से लटका हुआ था। फर्श पर ढेर सारा खून फैला था और रावेंद्र के हाथ से भी खून टपक रहा था। इस संबंध में अस्पताल के निदेशक डॉ. अमरेंद्र सिंह ने बताया कि रावेंद्र की मौत हुई है लेकिन कैसे हुई है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगा।
विज्ञापन