फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   काशी को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए चाहिए सात हजार करोड़

काशी को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए चाहिए सात हजार करोड़

Thu, 29 Jun 2017 02:23 AM IST
Updated Thu, 29 Jun 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
काशी को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए चाहिए सात हजार करोड़
वाराणसी। काशी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सात हजार करोड़ रुपये की जरूरत है। बुधवार को कमिश्नरी सभागार में एशियन विकास बैंक (एडीबी) के अध्यक्ष तकेहिको नकाओ के समक्ष स्मार्ट सिटी के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रजेंटेशन हुआ। बताया गया कि स्मार्ट सिटी की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) डेढ़ महीने के अंदर तैयार कर ली जाएगी। इसके लिए तीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कंसल्टेंट के रूप में चुना जा चुका है। अध्यक्ष तकेहिको नकाओ ने भरपूर वित्तीय मदद के लिए सकारात्मक संकेत दिए। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की पहल पर अब जल्द ही इसके लिए एशियन विकास बैंक से करार हो सकता है।
विज्ञापन

कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एडीबी के अलावा वित्त मंत्रालय, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। एडीबी चेयरमैन के समक्ष प्रस्तावित परियोजनाओं का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया। जिन परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, उनके बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, इन परियोजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए अनुमानित वित्तीय जरूरतों के बारे में भी बताया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं के क्रमवार प्रजेंटेशन दिए गए। विद्युत, सीवरेज, पेयजल, हेरिटेज और पर्यटन के अलावा आईपीडीएस, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सारनाथ में चल रहे विकास कार्यों, क्षेत्र आधारित विकास, घरेलू गैस पाइप लाइन योजना, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण आदि की जानकारी दी गई।
विज्ञापन

शहर की यातायात व्यवस्था, मल्टीलेवल पार्किंग, स्पोर्ट्स स्टेडियम का विकास, सिटी कमांड सेंटर, स्मार्ट रेलवे स्टेशन, मेट्रो, वरुणा पुल जीर्णोद्धार से जुड़ी परियोजनाएं भी प्रस्तुत की गईं। मंडलायुक्त ने एडीबी चेयरमैन को काशी की प्राचीनता और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक महत्ता की जानकारी दी। शहर विस्तार के तहत आसपास की 79 ग्राम सभाओं को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की भी जानकारी दी। बैठक में वित्त मंत्रालय के ऋषिकेश सिंग, जयकिशोर, एडीबी के हयूम किम, मिन्ची योकायामा, एन काटेश्वर राव पेंटा, के. मुरूगराज, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसएसपी नितिन तिवारी, नगर आयुक्त श्रीहरिप्रताप शाही, रमेेश चंद्र सिंह उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



दस महीने में न डीपीआर बनी न धन मिला
काशी को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हुए आगामी सितंबर में एक साल पूरे हो जाएंगे। अब तक के दस महीनों में बैठकों, योजनाओं के प्रजेंटेशन से अधिक कुछ नहीं हुआ। पूरी योजना फाइलों में ही सिमटी हुई है। इसकी डीपीआर तैयार करने का काम अब तक शुरू भी नहीं हो पाया है जबकि तीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बतौर कंसल्टेंट चुना जा चुका है। जून के पहले हफ्ते से ही डीपीआर की प्रक्रिया शुरू कराई जानी थी। डीपीआर तैयार करने पर पांच सौ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसके लिए अब तक बजट भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब डीपीआर बनेगा, कब काम शुरू होगा और कब तक पूरा होगा शहरवासियों का काशी के स्मार्ट सिटी बनने का सपना।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed