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ग्यारह महीने में साइबर क्राइम के 145 मामले
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:18 AM IST
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वाराणसी। बैंकों की ओर से डिजिटल पेमेंट का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान तो ग्राहकों से किया जा रहा है लेकिन इससे जुड़ी घटनाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। साइबर क्राइम बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल जहां ऐसे 100 मामले पुलिस ने दर्ज किया वहीं इस साल जनवरी से लेकर अब तक 145 ऐसे मामले विभिन्न थानों में दर्ज हो चुके हैं। ज्यादातर मामलों में तो पुलिस आरोपी को भी नहीं पकड़ पाती है।
साइबर क्राइम संबंधी फर्जीबाड़े के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पहले तो इससे जुड़े लोग ग्राहकों का नंबर तलाशते हैं फिर उन्हें फोन कर एटीएम ब्लाक होने की जानकारी देते हैं। इस दौरान ग्राहकों से खाते का विवरण मांगा जाता है। अगर किसी ने ध्यान नहीं दिया और पूरी जानकारी दे दी तो वह इनका शिकार हो जाता है। ठगी करने वाले उसके खाते से रकम निकाल लेते हैं, इसकी सूचना तब होती है जब बैंक में दर्ज मोबाइल नंबर पर खाते से पैसा निकलने का संदेश आता है। साइबर क्राइम से संबंधित मामलों से सजग रहने के लिए पुलिस के साथ ही बैंकों की ओर से भी संदेश भेजकर आमजन को आगाह किया जाता है। इस संबंध में क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों को साइबर सेल देखती है। जो भी कॉल कर बैंक खाते का विवरण लेते हैं और फिर रकम उड़ा देते हैं, ऐसे लोग फर्जी नाम और पते पर लिए गए सिम का उपयोग करते हैं। इसलिए उनकी तस्दीक करने में दिक्कत होती है। उधर अग्रणी बैंक प्रबंधक रंजीत सिंह ने बताया कि बैंकों की ओर से इस तरह की घटनाओं से बचने की जानकारी बैंक आने के साथ-साथ मोबाइल के माध्यम से भी दी जाती है।
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साइबर क्राइम संबंधी फर्जीबाड़े के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पहले तो इससे जुड़े लोग ग्राहकों का नंबर तलाशते हैं फिर उन्हें फोन कर एटीएम ब्लाक होने की जानकारी देते हैं। इस दौरान ग्राहकों से खाते का विवरण मांगा जाता है। अगर किसी ने ध्यान नहीं दिया और पूरी जानकारी दे दी तो वह इनका शिकार हो जाता है। ठगी करने वाले उसके खाते से रकम निकाल लेते हैं, इसकी सूचना तब होती है जब बैंक में दर्ज मोबाइल नंबर पर खाते से पैसा निकलने का संदेश आता है। साइबर क्राइम से संबंधित मामलों से सजग रहने के लिए पुलिस के साथ ही बैंकों की ओर से भी संदेश भेजकर आमजन को आगाह किया जाता है। इस संबंध में क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों को साइबर सेल देखती है। जो भी कॉल कर बैंक खाते का विवरण लेते हैं और फिर रकम उड़ा देते हैं, ऐसे लोग फर्जी नाम और पते पर लिए गए सिम का उपयोग करते हैं। इसलिए उनकी तस्दीक करने में दिक्कत होती है। उधर अग्रणी बैंक प्रबंधक रंजीत सिंह ने बताया कि बैंकों की ओर से इस तरह की घटनाओं से बचने की जानकारी बैंक आने के साथ-साथ मोबाइल के माध्यम से भी दी जाती है।
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