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Varanasi News: बीएचयू में 50 वर्षीय मरीज की सर्जरी कर निकाली गई 20 साल पुरानी गांठ
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बीएचयू अस्पताल में डॉक्टरों ने 50 वर्षीय मरीज की बायीं जांघ की सर्जरी कर करीब 20 साल पुरानी गांठ निकाली। पिछले तीन साल में गांठ का आकार तेजी से बढ़ने लगा था। जांघ की मांसपेशियों के भीतर मौजूद गांठ प्रमुख रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं के नजदीक थी। इस वजह से सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति ठीक है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
आईएमएस बीएचयू के जनरल सर्जरी विभाग में गाजीपुर निवासी मरीज का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी विभाग के डॉ. रामनिवास मीणा ने बताया कि मरीज की अल्ट्रासोनोग्राफी कराई तो बायीं जांघ की मांसपेशियों के भीतर बड़ी, ठोस और विषम संरचना वाली गांठ का पता चला। इसकी स्थिति और आकार को देखते हुए सर्जरी का निर्णय लिया गया।
डॉ. मीणा ने बताया कि गांठ के प्रमुख रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं के नजदीक होने के कारण ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मौजूद और लगातार बढ़ने वाली सॉफ्ट टिश्यू गांठ की प्रकृति का निर्धारण केवल उसके आकार या बाहरी स्वरूप से नहीं किया जा सकता। निकाली गई गांठ के नमूने की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के बाद ही उसका अंतिम निदान हो सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे के उपचार की जरूरत तय की जाएगी।
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सर्जरी में जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. प्रखर जायसवाल, जूनियर रेजिडेंट डॉ. तुषार, डॉ. सवन्ना और डॉ. अंकित मीणा शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. एसपी मिश्रा और जूनियर रेजिडेंट डॉ. पुनीत ने भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान नर्स अपराजिता और ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन संजय ने भी सहयोग किया।
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आईएमएस बीएचयू के जनरल सर्जरी विभाग में गाजीपुर निवासी मरीज का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी विभाग के डॉ. रामनिवास मीणा ने बताया कि मरीज की अल्ट्रासोनोग्राफी कराई तो बायीं जांघ की मांसपेशियों के भीतर बड़ी, ठोस और विषम संरचना वाली गांठ का पता चला। इसकी स्थिति और आकार को देखते हुए सर्जरी का निर्णय लिया गया।
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डॉ. मीणा ने बताया कि गांठ के प्रमुख रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं के नजदीक होने के कारण ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मौजूद और लगातार बढ़ने वाली सॉफ्ट टिश्यू गांठ की प्रकृति का निर्धारण केवल उसके आकार या बाहरी स्वरूप से नहीं किया जा सकता। निकाली गई गांठ के नमूने की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के बाद ही उसका अंतिम निदान हो सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे के उपचार की जरूरत तय की जाएगी।
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सर्जरी में जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. प्रखर जायसवाल, जूनियर रेजिडेंट डॉ. तुषार, डॉ. सवन्ना और डॉ. अंकित मीणा शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. एसपी मिश्रा और जूनियर रेजिडेंट डॉ. पुनीत ने भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान नर्स अपराजिता और ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन संजय ने भी सहयोग किया।