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पैकिंग बाक्स के मूल्यों में बीस फीसदी की वृद्धि, उद्यमी परेशान
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कोरुगेटेड बॉक्स (गत्ता) के मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि को देख पैकेजिंग उद्यमियों ने बॉक्स की कीमतों में बीस प्रतिशत की वृद्धि की है। उनका कहना है कि पैकेजिंग उद्योग को संकट से उबारने के लिए यह वृद्धि का फैसला लिया गया। क्राफ्ट पेपर व डुप्लेक्स बोर्ड के मूल्यों में पिछले दो साल से वृद्धि हो रही है। लेकिन दो माह के अंदर मूल्यों में 25 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी ने उद्योग की कमर ही तोड़ दी है। इसके अतिरिक्त स्टार्च गम पाउडर व जीआई स्ट्रीचिंग वायर आदि के मूल्य भी उच्चतम स्तर पर हैं।
रोहनिया स्थित पैकेजिंग उद्योग में बैठक के दौरान शनिवार को उत्तर प्रदेश कोरुगेटेड बॉक्स मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया और सचिव मो. सादिक ने बताया कि पेपर मिलों की मनमानी और सरकार के गलत निर्णयों के कारण गत्ता उद्योग वेंटिलेटर पर आ गया है। लगभग आधी इकाइयां बंद हो गई हैं। मालिक एवं कामगार दोनों के समक्ष रोजी रोटी का संकट है। केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग है कि पेपर उद्योग पर शीघ्र पॉलिसी बनाकर पेपर मिलों के कार्टेल पर नकेल कसी जाए। जीएसटी काउंसिल से मांग है कि गत्ता पर पूर्व की भांति जीएसटी 12 प्रतिशत किया जाए। उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की श्रेणी में आने वाला इको फ्रेंडली उद्योग की पूर्वांचल की लगभग 200 इकाइयों से प्रतिमाह 10000 टन से ज्यादा क्राफ्ट पेपर व लगभग 15000 टन डुप्लेक्स बोर्ड के उपयोग से गत्ता निर्माण किया जाता है। इससे 10000 परिवारों का भरण पोषण होता है। बैठक में उपाध्यक्ष संजय लखमानी, कार्तिक जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, संजय झुनझुनवाला, उमा शंकर श्रीवास्तव, महिपाल गुप्ता, रंजीत जायसवाल, दिनेश चौरसिया, प्रिंस वर्मा, आकाश जैन, विशाल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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रोहनिया स्थित पैकेजिंग उद्योग में बैठक के दौरान शनिवार को उत्तर प्रदेश कोरुगेटेड बॉक्स मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया और सचिव मो. सादिक ने बताया कि पेपर मिलों की मनमानी और सरकार के गलत निर्णयों के कारण गत्ता उद्योग वेंटिलेटर पर आ गया है। लगभग आधी इकाइयां बंद हो गई हैं। मालिक एवं कामगार दोनों के समक्ष रोजी रोटी का संकट है। केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग है कि पेपर उद्योग पर शीघ्र पॉलिसी बनाकर पेपर मिलों के कार्टेल पर नकेल कसी जाए। जीएसटी काउंसिल से मांग है कि गत्ता पर पूर्व की भांति जीएसटी 12 प्रतिशत किया जाए। उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की श्रेणी में आने वाला इको फ्रेंडली उद्योग की पूर्वांचल की लगभग 200 इकाइयों से प्रतिमाह 10000 टन से ज्यादा क्राफ्ट पेपर व लगभग 15000 टन डुप्लेक्स बोर्ड के उपयोग से गत्ता निर्माण किया जाता है। इससे 10000 परिवारों का भरण पोषण होता है। बैठक में उपाध्यक्ष संजय लखमानी, कार्तिक जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, संजय झुनझुनवाला, उमा शंकर श्रीवास्तव, महिपाल गुप्ता, रंजीत जायसवाल, दिनेश चौरसिया, प्रिंस वर्मा, आकाश जैन, विशाल जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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