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मोहब्बत का पैगाम देहा है इस्लाम
Updated Wed, 17 Jan 2018 01:17 AM IST
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भदोही। मौलाना अब्दुल मुहीत ने कहा कि मोहब्बत का नाम ही जिंदगी है। इंसान एक दूसरे से मोहब्बत करे यही पैगामे इस्लाम है। हर दिल में अल्लाह और अल्लाह के रसूल से मुहब्बत होनी चाहिए। अगर दिली सुकून चाहिए तो अल्लाह और उनके रसूल से निस्बत रखो। अल्लाह तुम्हें कामयाबी देगा और तुम बुलंदी को छुओगे। मौलाना बीती रात मोहल्ला कजियाना में अज्मते औलिया कांफ्रेंस में तकरीर कर रहे थे।
उन्होंने कहा इस्लाम ने जो इंसानियत सिखाई है वह कहीं नहीं मिलेगी। अपने से बड़ों का एहतेराम करो और छोटों को दुआएं दो, यही इस्लाम सिखाता है। मां-बाप के फरमा बरदार बनो। मां-बाप को दु:खी न करो। उनके एहतेराम में ही तुम्हारे जिंदगी का मकसद छिपा हुआ है। उनकी रजा होगी तो अल्लाह तुमसे राजी होगा। उन्होंने कहा कि यह सब करने के बाद भी नमाज से छुटकारा नहीं है। जो गुमराह हैं अल्लाह उन्हें नमाज की तौफीक अता करे। मौलाना ने कहा कि तालीम की अहमियत इस्लाम ने सिखाया है लेकिन पहले कुरआन की तरबियत हासिल करो। कुरआन की तालीम होगी तो तुम्हारे सामने रास्ता होगा।
मौ.अब्दुस्समद जेयाई, मौ.महफूज आलम ने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने में सबको साथ चलने का पैगाम दिया। कांफ्रेंस की सरपरस्ती हाजी हाफिज परवेज अच्छे ने की। सदारत मौ. फैसल अशर्फी ने की। आगाजे कांफ्रेंस हाफिज अली रजा ने की। सकलैन वजाहत, आकिब एकबाल, सैय्यारे कमर, आसिम अशअरी ने नातेपाक पेश किया। सभासद शफीक अहमद ने लोगों का शुक्रिया अदा किया। हाफिज शहजाद ,हाफिज इसरार, सुफियान राइन, गुफरान राइन, अरशद सगीर, गुलफाम राईन, दिलावर, जावेद कुरैशी आदि ने लोगों का खैरमकदम किया।
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उन्होंने कहा इस्लाम ने जो इंसानियत सिखाई है वह कहीं नहीं मिलेगी। अपने से बड़ों का एहतेराम करो और छोटों को दुआएं दो, यही इस्लाम सिखाता है। मां-बाप के फरमा बरदार बनो। मां-बाप को दु:खी न करो। उनके एहतेराम में ही तुम्हारे जिंदगी का मकसद छिपा हुआ है। उनकी रजा होगी तो अल्लाह तुमसे राजी होगा। उन्होंने कहा कि यह सब करने के बाद भी नमाज से छुटकारा नहीं है। जो गुमराह हैं अल्लाह उन्हें नमाज की तौफीक अता करे। मौलाना ने कहा कि तालीम की अहमियत इस्लाम ने सिखाया है लेकिन पहले कुरआन की तरबियत हासिल करो। कुरआन की तालीम होगी तो तुम्हारे सामने रास्ता होगा।
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मौ.अब्दुस्समद जेयाई, मौ.महफूज आलम ने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने में सबको साथ चलने का पैगाम दिया। कांफ्रेंस की सरपरस्ती हाजी हाफिज परवेज अच्छे ने की। सदारत मौ. फैसल अशर्फी ने की। आगाजे कांफ्रेंस हाफिज अली रजा ने की। सकलैन वजाहत, आकिब एकबाल, सैय्यारे कमर, आसिम अशअरी ने नातेपाक पेश किया। सभासद शफीक अहमद ने लोगों का शुक्रिया अदा किया। हाफिज शहजाद ,हाफिज इसरार, सुफियान राइन, गुफरान राइन, अरशद सगीर, गुलफाम राईन, दिलावर, जावेद कुरैशी आदि ने लोगों का खैरमकदम किया।
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