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चौराहों-बस अड्डों पर ठिठुरने लगे लोग
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। उत्तर-पश्चिमी हवाओं और पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते ठंड के साथ गलन बढ़ने लगी है। मगर नगर निगम की नजर में अब तक अलाव जलाने वाली ठंड नहीं पड़ रही है। नगर निगम प्रशासन इस मामले में अभी मौन है। निगम को हांड़कपाऊ ठंड का इंतजार है। हाल यह है कि न ही शेल्टर होमों को दुरुस्त किया जा सका है। पिछले साल दो दिसंबर तक रैन बसेरों को व्यवस्थित कर दिया गया था।
नगर निगम की ओर से शहरी इलाके में 14 स्थानों पर रैन बसेरा की व्यवस्था करनी है। लेकिन इनमें से कहीं भी कोई ठीक नहीं कराया गया है। वहीं अलाव की भी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। अलाव के लिए लकड़ी का टेंडर होता है। अब तक निगम के उद्यान विभाग की ओर से इसकी प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है।
प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नगर निगम की ओर से की जाती है। इसमें रथयात्रा, सिगरा, इंग्लिशिया लाइन, कैंट, रोडवेज, काशी स्टेशन, लंका, अस्सी, गोदौलिया, नई सड़क, बेनिया, कबीरचौरा, बेनियाबाग, लहुराबीर, जगतगंज, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, आशापुर और कज्जाकपुरा तिराहे सहित कई स्थानों पर अलाव जलाया जाता है। उद्यान अधिकारी कृपाशंकर पांडेय का कहना है कि ठंड अब कुछ पड़नी शुरू हुई है, जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर इसकी व्यवस्था की जाएगी और बंद पड़े रैन बसेरों में बिजली, पानी और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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नगर निगम की ओर से शहरी इलाके में 14 स्थानों पर रैन बसेरा की व्यवस्था करनी है। लेकिन इनमें से कहीं भी कोई ठीक नहीं कराया गया है। वहीं अलाव की भी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। अलाव के लिए लकड़ी का टेंडर होता है। अब तक निगम के उद्यान विभाग की ओर से इसकी प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है।
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प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नगर निगम की ओर से की जाती है। इसमें रथयात्रा, सिगरा, इंग्लिशिया लाइन, कैंट, रोडवेज, काशी स्टेशन, लंका, अस्सी, गोदौलिया, नई सड़क, बेनिया, कबीरचौरा, बेनियाबाग, लहुराबीर, जगतगंज, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, आशापुर और कज्जाकपुरा तिराहे सहित कई स्थानों पर अलाव जलाया जाता है। उद्यान अधिकारी कृपाशंकर पांडेय का कहना है कि ठंड अब कुछ पड़नी शुरू हुई है, जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर इसकी व्यवस्था की जाएगी और बंद पड़े रैन बसेरों में बिजली, पानी और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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