{"_id":"595ea33e4f1c1b44568b45cc","slug":"191499374398-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हृदय के कार्यों की जांच करेंगे एसीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हृदय के कार्यों की जांच करेंगे एसीएम
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी। हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेटेशन योजना (हृदय) के तहत हेरिटेज स्थलों, सड़कों, कुंडों और तालाबों के संरक्षण एवं मरम्मत के कार्यों की जांच एसीएम करेंगे। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने चारों एसीएम की टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
हृदय से कुंड, तालाब, सड़कों के अलावा चिह्नित 81 ऐतहासिक स्थलों को संवारा जा रहा है। इसमें दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, लाटभैरव तालाब शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम और एनबीसीसी 34 सड़कों के मरम्मत का काम कर रहा है। अब तक सभी काम पूरे जाने चाहिए थे लेकिन सभी काम अभी अधूरे हैं। साथ ही शिकायत है कि कई कार्यों में मानकों की अनदेखी की गई है और गुणवत्तायुक्त काम नहीं कराया गया है। गौरतलब है कि हृदय में होने वाले कार्यों के लिए धन केंद्र से मिल रहा है। इसकी मानीटरिंग स्थानीय स्तर के अलावा केंद्र से भी की जा रही है। सूत्राें का कहना है कि इन कार्यों में लापरवाही और मानकों की अनदेखी की शिकायत केंद्र कोे पहुंच गई है। केंद्र के निर्देश पर ही मंडलायुक्त ने जांच टीम बनाई है। इसमें चारो अपर नगर मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
हृदय से कुंड, तालाब, सड़कों के अलावा चिह्नित 81 ऐतहासिक स्थलों को संवारा जा रहा है। इसमें दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, लाटभैरव तालाब शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम और एनबीसीसी 34 सड़कों के मरम्मत का काम कर रहा है। अब तक सभी काम पूरे जाने चाहिए थे लेकिन सभी काम अभी अधूरे हैं। साथ ही शिकायत है कि कई कार्यों में मानकों की अनदेखी की गई है और गुणवत्तायुक्त काम नहीं कराया गया है। गौरतलब है कि हृदय में होने वाले कार्यों के लिए धन केंद्र से मिल रहा है। इसकी मानीटरिंग स्थानीय स्तर के अलावा केंद्र से भी की जा रही है। सूत्राें का कहना है कि इन कार्यों में लापरवाही और मानकों की अनदेखी की शिकायत केंद्र कोे पहुंच गई है। केंद्र के निर्देश पर ही मंडलायुक्त ने जांच टीम बनाई है। इसमें चारो अपर नगर मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन